
जयपुर। राजधानी जयपुर में निशा मेहरा की बहादुरी के किस्से लोगों की जुबान पर है। 39 वर्षीय निशा मानसरोवर की रहने वाली है। निशा ने बीच सड़क पर लुटेरों से मुकाबला किया। इस दौरान लुटेरों ने निशा को घायल भी कर दिया फिर भी वह अकेली जूझती रही। निशा की बहादुरी से लोगों ने एक लुटेरे को मौके पर ही दबोच लिया। बाद में पुलिस ने लुटेरे के साथी को भी पकड़ लिया। शहर में हर कोई निशा की बहादूरी पर नाज कर रहे हैं।
मोबाइल छिनना पड़ा महंगा
घटना रविवार 6 नवंबर को दोपहर में घटित हुई। उस समय निशा मानसरोवर के अरावली मार्ग स्थित एक बेकरी में जा रही थी। वह मोबाइल पर बात करते हुए पैदल ही जा रही थी। इसी दौरान दो बदमाश आए और झपट्टा मारकर उसका मोबाइल छीन लिया। जैसे ही बदमाश भागने लगे निशा ने फुर्ती से एक लुटेरे को दबोच लिया। बदमाशों ने निशा को सड़क पर गिरा दिया और उसका हाथ मोड़ दिया। लेकिन निशा ने हार नहीं मानी। उसने लुटेरे को नहीं छोड़ा और मदद के लिए चिल्लाने लगी। शोर सुनकर आस—पास के लोग एकत्र हो गए। लोगों ने लुटेरे की जमकर पिटाई की। लुटेरे का दूसरा साथी बाइक लेकर भाग गया। जिसे पुलिस ने बाद में गिरफ्तार कर लिया।
दूसरे दिन दर्ज कराई रिपोर्ट
निशा ने सोमवार 7 नवंबर को शिप्रापथ थाने में जाकर मामला दर्ज कराया। उसने बताया कि लुटेरे को पकड़ने के दौरान वह सड़क पर गिर गई थी और लुटेरे ने उसका हाथ मरोड़ दिया। हाथ में तेज दर्ज होने के कारण वह रविवार को रिपोर्ट दर्ज नहीं करवा पाई थी।
कुख्यात लुटेरे हैं दोनों आरोपी
डीसीपी योगेश गोयल ने बताया कि आरोपी वाटिका निवासी सोहन गुर्जर और उदयपुर के भिण्डर निवासी अर्जुन मीणा को कुख्यात लुटेरे हैं। उन्होंने जयपुर और भरतपुर में कई वारदात की है। संबंधित थाने से इनका आपराधिक रिकॉर्ड निकलवाया जा रहा है। आरोपियों से जब्त बाइक के दस्तावेज नहीं मिले हैं। तस्दीक की जा रही है कि बाइक किसकी है।
Updated on:
08 Nov 2022 08:57 pm
Published on:
08 Nov 2022 08:25 pm
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