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वर्क पर चमक गायब, कालापन लगे तो मत खाइए वो मिठाई

jaiत्योहार सीजन में चांदी के बजाए एल्युमिनियम वर्क का होने लगा इस्तेमाल, पेट में गया तो कई गंभीर बीमारियों का खतरा  

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वर्क पर चमक गायब, कालापन लगे तो मत खाइए वो मिठाई

वर्क पर चमक गायब, कालापन लगे तो मत खाइए वो मिठाई

-अजय सोलोमन-

जयपुर. मिलावटी चीजें ही नहीं, मिठाइयों पर लगा चांदी का वर्क भी सेहत के लिए खतरनाक है। त्योहारी सीजन में शहर में चांदी के असली वर्क के स्थान पर नकली वर्क का धड़ल्ले से निर्माण हो रहा है, जो एल्युमिनियम या अन्य रसायनों के प्रयोग से बनाया जा रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि चांदी के बजाय एल्युमिनियम के बने वर्क की मिठाई खाने से लीवर, किडनी के अलावा चर्म रोग भी हो सकते हैं। ऐसे में मिठाइयों के साथ धीमा जहर भी शरीर में जा रहा है। मावा, बेसन आदि की मिठाइयों की सुंदरता को बढ़ाने के लिए चमकता वर्क लगाया जाता है। इन दिनों नकली वर्क बनाने का करोबार जयपुर शहर व ग्रामीण क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रहा है। चांदी के मुकाबले सस्ता होने से मिठाई कारोबारी एल्युमिनियम का बना सस्ता वर्क खरीदते हैं। मिठाइयों पर लगने के बाद यह नकली वर्क पहचान में नहीं आता।

कैसे पहचानें, असली है या नकली

चांदी का असली वर्क मुलायम व चांदी जैसा चमकीला होता है। इसे मसलने पर हथेली में मिल जाता है। नकली एल्युमिनियम वर्क मसलने पर मिक्स नहीं होता और छोटी गोलियों के जैसा कालापन लिए हुए होता है। जयपुर में बना असली व नकली वर्क दूसरे राज्यों के शहरों में भी जाता है। असली चंादी वर्क की 160 पन्नियों की कीमत 9 सौ से 12 सौ रुपए है जबकि एल्युमिनियम वर्क 40 रुपए में 100 नग बिक रहा है।
वर्जन...

एल्युमिनियम के बने नकली वर्क लगी मिठाई खाने से किडनी, लीवर, चमड़ी व शरीर को नुकसान पहुंच सकता है। असली चांदी वर्क लगी मिठाइ खाएं या बिना वर्क लगी मिठाई को उपयोग में लें।

डॉ. पुनित भार्गव, चर्मरोग विशेषज्ञ सवाई मानसिंह अस्पताल