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बसपा और आरएलपी कई सीटों पर बिगाड़ेगी भाजपा-कांग्रेस के प्रत्याशियों का खेल

भाजपा और कांग्रेस के बाद तीसरे दल के रूप में सबसे अधिक प्रत्याशी बहुजन समाज पार्टी ने उतारे हैं। पार्टी ने सभी दो सौ सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। बसपा के अलावा आप पार्टी ने 88 और आरएलपी ने 83 उम्मीदवार उतारे हैं। बसपा और आरएलपी में कई सीटों पर उन प्रत्याशियों को मौका दिया है जो भाजपा-कांग्रेस से बागी हुए हैं या वहां पहले किसी ओर पार्टी के प्रमुख दावेदार रहे हैं। इस कारण कई सीटों पर ये उम्मीदवार त्रिकोणीय मुकाबले हैं। कई की उपस्थिति से भाजपा या कांग्रेस के प्रत्याशी का गणित गड़बड़ाता दिख रह

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बसपा और आरएलपी कई सीटों पर बिगाड़ेगी भाजपा-कांग्रेस के प्रत्याशियों का खेल

खींवसर से आरएलपी के हनुमान बेनीवाल और खेतड़ी से बसपा के मनोज घुमरिया व हिंडौन से बृजेश जाटव

तीसरे दल के रूप में बसपा ने उतारे सबसे अधिक प्रत्याशी

जयपुर. बसपा का प्रभाव भरतपुर, धौलपुर, करौली, दौसा, अलवर व सीकर-झुंझुनूं में रहता है। इस क्षेत्र में कई ऐसे उम्मीदवार हैं जो भाजपा या कांग्रेस में टिकट की दावेदारी कर रहे थे। वहां टिकट नहीं मिलने पर वे बसपा से चुनाव मैदान में हैं। इनमें धौलपुर से रितेश शर्मा और भरतपुर से गिरीश चौधरी की उपस्थिति से मुकाबला त्रिकोणीय बनने वाला है। इसी तरह उदयपुरवाटी से संदीप सैनी, खेतड़ी से मनोज घुमरिया, टोड़ाभीम से कल्पना मीना को पार्टी प्रमुख उम्मीदवार बता रही है। उदयपुरवाटी से वर्तमान विधायक राजेन्द्र गुढ़ा वर्ष 2018 में बसपा से ही जीते थे। उन्होंने अब निर्दलीय व शिव सेना से नामांकन भरा है। यहां भाजपा से शुभकरण चौधरी व कांग्रेस से भगवान राम सैनी मैदान में हैं। इसके अलावा कुछ सीटों पर जहां मुकाबला कड़ा दिख रहा वहां बसपा के उम्मीदवारों पर सबकी नजर है। इसी को देखते हुए तिजारा से बसपा ने पहले इमरान खान को उम्मीदवार तय किया था, जिसे बाद में कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया था।

दूसरी ओर शेखावाटी व मारवाड़ क्षेत्र में आरएलपी के उम्मीदवारों से मुकाबला रौचक रहने वाला है। खींवसर से आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल खुद मैदान में हैं। वे इस बार अपने भाई नारायण बेनीवाल के स्थान पर उतरे हैं। वर्ष 2018 में भी वे यहां से जीते थे। बाद में सांसद बनने पर उपचुनाव में नारायण विधायक बने थे। आरएलपी के उम्मीदवार कोलायत, जायल, मेड़ता सिटी, लोहावट, शिव, चौहटन, बायतू सहित कुछ और सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबले में दिख रहे हैं। बायतू में आरएलपी ने उम्मेदराम को उतारा है, जो गत चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे थे। यहां कांग्रेस से हरीश चौधरी मैदान में हैं। धोद से कांग्रेस नेता परराम मोरदिया के बेटे महेश मोरदिया आरएलपी उम्मीदवार हैं। टोंक की देवली उनियारा सीट से भाजपा के विजय बैंसला और कांग्रेस के हरीशचंद्र मीना में सीधा मुकाबला था। इस बीच आरएलपी ने कांग्रेस छोड़कर आए विक्रम सिंह गुर्जर को अपना प्रत्याशी बनाया है। इनके अलावा शिव से जालम सिंह, चौहटन से पूर्व विधायक तरुण राय कागा व मावली से कुलदीप सिंह चूंडावत को उतारा गया है।ओसियां से नहीं उतारा उम्मीदवार

चुनाव प्रचार के दौरान आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने ओसियां विधायक पर जुबानी हमला बोला था। इसको लेकर दोनों नेताओं में खूब बयानबाजी हुई। हालांकि प्रत्याशी खड़े करने का नम्बर आया तो आरएलपी ने ओसियां को छोड़ दिया। यहां किसी को नहीं उतारा।

उधर, उदयपुर, डूंगरपुर व नजदीकी जिलों में बीटीपी ने 12 उम्मीदवार उतारे हैं। वहीं बीएपी ने 21 प्रत्याशी उतारे हैं। सीपीआई (एम) ने सत्रह उम्मीदवार उतारे हैं। इनकी प्रमुख दावेदारी शेखावटी क्षेत्र में दिख रही है। आप पार्टी ने 88 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। पार्टी नेता जयपुर शहर की कुछ सीटों पर अपने प्रत्याशियों को मजबूत बता रहे हैं।

इन पार्टियों के इतने उम्मीदवार

बसपा- 200

आरएलपी 83

आप 88

सीपीआई(एम) 17

आरएलडी 1

बीटीपी (भारतीय ट्राइबल पार्टी)- 12

बीएपी (भारतीय आदिवासी पार्टी) 21

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