
अलवर। शहर के स्कीम-8 सोनावा इलाके में गुरुवार देर रात एक फर्नीचर व्यापारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या करने से पहले मृतक ने 8 पेज का एक सुसाइड नोट लिखा, जिसमें उसने पांच जनों को अपनी आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
पुलिस ने शुक्रवार को सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिया। अरावली विहार थाना पुलिस ने बताया कि स्कीम-8 सोनावा निवासी धर्मपाल (32) पुत्र नंदराम सैनी ने गुरुवार देर रात अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। धर्मपाल फर्नीचर का व्यापारी था। उनकी चर्च रोड पर फर्नीचर की दुकान है। मरने से पहले उसने 8 पेज का एक सुसाइड नोट लिखा।
जिसमें उसने कहा कि उनके पास अलवर के चर्च रोड पर एक गोदाम है। उसके मालिक अशोक कुमार जाट ने साल 2011-12 में गोदाम खाली करने के लिए बोला। कुछ दिनों बाद गोदाम मालिक ने 7 लाख रुपए देकर राजीनामा करते हुए गोदाम खाली कर दिया। कुछ समय पहले गोदाम मालिक अशोक जाट का निधन हो गया।
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इसके बाद अशोक जाट की पत्नी ईश्वरी देवी, पुत्र रविंद्र उर्फ गोलू, लोरी, रामसिंह, नितिन और सतपान एक लाख रुपए की डिमांड करते हुए परेशान कर रहे थे। उन्होंने 41 हजार रुपए और उनकी तरफ निकाल दिए। ये रुपए भी उसके पिता ने दे दिए। इसके बाद भी आरोपी उन्हें धमका रहे थे और परेशान कर रहे थे।
इकलौता बेटा था धर्मपाल
नंदराम सैनी के एक बेटा और चार बेटी थे। धर्मपाल इकलौता बेटा था। धर्मपाल अपने पिता के साथ फर्नीचर का कारोबार संभालता था। वहीं, मृतक धर्मपाल शादीशुदा था और उसके दो बेटियां हैं। धर्मपाल की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
व्यापारी अस्पताल में एकत्रित हुए
घटना की सूचना लगने के बाद चर्च रोड के व्यापारी शुक्रवार सुबह सामान्य अस्पताल में एकत्रित हुए। वहां व्यापारी और परिजनों की एक बैठक हुई। जिसमें व्यापारियों ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। वहीं, सैनी समाज के लोग भी अस्पताल पहुंचे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस मौके पर पुलिस के अधिकारी भी मौजूद रहे।
Published on:
03 Sept 2022 02:55 pm

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