
जयपुर। देश में बढ़ते कैंसर पेशेंट्स और महंगे इलाज को देखते हुए जयपुर के जोरावर सिंह गेट स्थित आयुर्वेद संस्थान कल से कैंसर रोग के लिए भी ओपीडी शुरू करने जा रहा है। इसमें कैंसर से पीडि़़त, डायग्नोज हो चुके कैंसर पीडि़़त और इलाज ले रहे रोगियों को लाभ मिलेगा। संस्थान का दावा है कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए ओपीडी शुरू करने वाला राष्ट्रीय स्तर का यह पहला आयुर्वेद संस्थान होगा। इसमें आयुर्वेद पद्धति पर आधारित उपचार के जरिए रोगियों का इलाज किया जाएगा।
जीवन प्रत्याशा बढ़ाने का प्रयास
संस्थान के निदेशक प्रोफेसर संजीव शर्मा का कहना है कि आयुर्वेद में कैंसर नाम से कोई बीमारी नहीं है। लेकिन इसके बढ़ते रोगियों की संख्या को देखते हुए आयुर्वेद की प्राचीन कारगर पद्धतियों, औषधियों और क्रियाओं के जरिए इसके रोगियों का उपचार किया जाएगा। चूंकि इलाज के लिए लक्ष्ण और गंभीरता को पहचानना आवश्यक है इसलिए कैंसर को ट्रेस करने के लिए मॉडर्न टूल और मशीनरी का ही इस्तेमाल किया जाएगा। लेकिन इलाज आयुर्वेद की विधियों से किया जाएगा। ताकि रोगी की जीवन प्रत्याशा को बढ़ाया जा सके।
होगा पहला राष्ट्रीय संस्थान
इस सप्ताह ओपीडी की शुरुआत के साथ ही जयपुर का राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान इस स्तर का अनूठा संस्थान होगा। कैंसर ओपीडी शुरू करने के पीछे उद्देश्य आधुनिक बीमारियों के इलाज साथ आयुर्वेद का प्रचार-प्रसार करना भी है। संस्थान में ही विभिन्न प्रकार के रोगों की 100 प्रकार की दवाएं बनाई जाती हैं। वहीं उपचार के लिए दवाइयां बाहर से भी मंगवाई जाएंगी।
ये बातें होगी खास
- सप्ताह में तीन दिन गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को होगी ओपीडी
- 06 आयुर्वेद कंसल्टेंट दो दो के पेयर में देखेंगे मरीज
- सुबह 9 से शाम 5 बजे तक होगा ओपीडी का समय
- 10 रुपए की पर्ची में दिखा सकेंगे रोगी
- कैंसर ओपीडी की शुरुआत 10 मई से करने जा रहे हैं। लोगों को सस्ता सुलभ और कारगर इलाज उपलब्ध कराने के मकसद से इसकी शुरुआत की जा रही है। आहार व्यवस्था, पंचकर्म की विभिन्न विधियों और औषधियों की सहायता से कैंसर के रोगियों या इसके लक्षणों से जूझ रहे लोगों का इलाज किया जाएगा।
प्रो. संजीव शर्मा, निदेशक, राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर
Published on:
08 May 2018 09:31 pm
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