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जयपुर

बने कैपिटल सिटी रीजनल प्लान, तभी होगा सही मायने में काम

राजधानी सहित प्रदेश के बड़े शहरों का व्यवस्थित विकास करने के लिए कैपिटल सिटी रीजनल प्लान बनाने की जरूरत है। इसकी शुरुआत जयपुर से की जा सकती है। इसके बाद राज्य के दूसरे बड़े शहरों में भी इसी प्लान को लागू कर कार्य करवाने चाहिए।मौजूदा भाजपा सरकार की ओर से 10 जुलाई को पहले पूर्ण […]

जयपुरJun 16, 2024 / 06:03 pm

Amit Pareek

jaipur

टॉक शो में मौजूद विशेषज्ञ और अतिथि।

राजधानी सहित प्रदेश के बड़े शहरों का व्यवस्थित विकास करने के लिए कैपिटल सिटी रीजनल प्लान बनाने की जरूरत है। इसकी शुरुआत जयपुर से की जा सकती है। इसके बाद राज्य के दूसरे बड़े शहरों में भी इसी प्लान को लागू कर कार्य करवाने चाहिए।मौजूदा भाजपा सरकार की ओर से 10 जुलाई को पहले पूर्ण बजट से पहले राजस्थान पत्रिका की ओर से शहरी विकास, उद्योग, परिवहन से लेकर सड़कों और स्टेट हाईवे के विकास पर विशेषज्ञों के साथ आयोजित बजट पूर्व संवाद में यह विचार सामने आए। संवाद कार्यक्रम शनिवार को राजस्थान पत्रिका के झालाना कार्यालय में हुआ। चर्चा में विशेषज्ञों ने माना कि यदि सभी विभाग एक छत के नीचे आकर काम करेंगे तो शहर का विकास बेहतर तरीके से होगा। देश के कई शहरों में ऐसा हो भी रहा है।
वेयर हाउस इंडस्ट्री को सरकार बजट में राहत दे। अभी तो 300 लोगों को नोटिस जारी किया गया है। वेयर हाउस विकसित नहीं होंगे तो शहर में लोगों की जरूरतों की सामग्रियों का आपूर्ति सिस्टम गड़बड़ा जाएगा।-अरुण गुप्ता, अध्यक्ष, राजस्थान वेयरहाउस एसोसिएशननगरीय संरचना में बजट का प्रावधान रखने की जरूरत है। परकोटे में नए निर्माण रोकने के लिए सरकार को अलग से प्राधिकरण बनाने की बजट में घोषणा करनी चाहिए, ताकि विश्व विरासत को बचाया जा सके।-सीएस पाराशर, सेवानिवृत्त, अतिरिक्त मुख्य नगर नियोजकपूरे वर्ष का टैक्स राज्य सरकार एडवांस में जमा करवाती है। दूसरे राज्यों में यह त्रैमासिक होता है। सरकार को पड़ोसी राज्यों के अनुसार पेट्रोल-डीजल के दाम राज्य में तय करने चाहिए। इससे ट्रांसपोर्टर्स को राहत मिलेगी।
– अनिल आनंद, अध्यक्ष, जयपुर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन

ई-व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए सरकार को ज्यादा सब्सिडी देनी चाहिए। साथ ही चार्जिंग पॉइंट के लिए भी घोषणा करनी चाहिए। ऐसा हुआ तो पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम हो जाएगी।
-प्रो. बीएल स्वामी, एमएनआइटीशहरवासियों को ध्यान में रखते हुए राज्य के बड़े शहरों में सार्वजनिक परिवहन को बढ़ाने पर सरकार को बजट में जोर देना चाहिए। सार्वजनिक परिवहन एक-दूसरे से जुड़ा होगा, तभी लोगों को फायदा मिलेगा।-नेहा खुल्लर, मुस्कान, एनजीओरोड ट्रांसपोर्ट से इंस्पेक्टर राज खत्म करने की जरूरत है। दूसरे राज्यों की तुलना में राजस्थान में टैक्स ज्यादा देना पड़ता है। सरकार इसे कम करे तो वाहनों का पंजीयन अपने आप बढ़ जाएगा।-अनिल कुमार जैन, संरक्षक, बस ऑपरेटर एसोसिएशन, राजस्थान
शहरों के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ ग्रामीण इलाकों में लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार को घोषणा करनी चाहिए। इससे शहरों पर दबाव कम होगा और लोगों को सुविधाएं मिल सकेंगी।
-एनसी माथुर, पूर्व निदेशक, इंजीनियरिंग, जेडीएपिछली सरकार में नई नगर पालिकाएं बनाई गई थीं। इनके लिए बजट का प्रावधान करना चाहिए। बड़े शहरों के लिए पब्लिक एंड ट्रांसपोर्टेशन प्लान के लिए भी सरकार को ध्यान देना चाहिए।-एसएस संचेती, सेवानिवृत्त, मुख्य नगर नियोजक
सड़क व ट्रैफिक का बजट सरकार को इंजीनियरिंग, जागरूकता में अलग-अलग देने की जरूरत है। सरकार को स्मार्ट कार्ड पर भी जाना चाहिए। इससे यात्रा से लेकर अन्य महकमों में भुगतान भी किया जा सके।
-अनिरुद्ध माथुर

—वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट को सरकार को बजट में बढ़ावा देना चाहिए। एमएसएमई के लिए वन विंडो क्लीयरेंस देनी चाहिए। इससे राज्य में निवेश का माहौल बनेगा और रोजगार के अवसर भी बढेंग़े।-सोनिका महरवाल, वीमन विंग, राजस्थान चैम्बर ऑफ कॉमर्स—
होटल इंडस्ट्री तेजी से बढ़ रही है। धार्मिक और ग्रामीण पर्यटन के लिए सरकार बजट में घोषणा करे तो रोजगार के ज्यादा अवसर पैदा होंगे। अभी तो यात्रियों को एसी बसें तक नहीं मिल रही हैं।
-राहुल अग्रवाल, सचिव, होटल एसोसिएशन

पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बढ़ावा दिया जाए। रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम पर सरकार को फोकस करने की जरूरत है। पानी की दिक्कत शुरू हो चुकी है। आने वाले समय में और बढ़ेगी।
हरनाम सिंह आजाद, सेवानिवृत्त वरिष्ठ नगर नियोजक

बजट के लिए ये सुझाव भी आए

-ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया को बदलने की जरूरत है। नियमित रूप से सरकार को वर्कशॉप करानी चाहिए। इसके लिए बजट का प्रावधान करना चाहिए।
-हाईवे और एक्सप्रेस वे तो बन गए, लेकिन यहां पर मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। सुविधाएं विकसित की जाएं।

-राज्य में कई बजट होटल हैं, इनका नियमन सरकार करे तो करोड़ों का राजस्व मिलेगा।इन्होंने भी दिए सुझाव-संजीव सांखला, रोड सेफ्टी एक्सपर्ट-रमेश गुप्ता, सदस्य, राजस्थान वेयरहाउस एसोसिएशन-अनिल सकोजा, ट्रांसपोर्टरअतुल गुप्ता, महासचिव, होटल एसोसिएशन

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