
Jaipur News : अंग प्रत्यारोपण के लिए एनओसी जारी करने में पैसों के लेन-देन का खुलासा होने के बाद केन्द्र सरकार ने राज्य सरकार को सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज की पूर्व कमेटी की संदिग्ध भूमिका की जांच लेकर सख्त एक्शन लेने के निर्देश दिए हैं। केन्द्र ने कहा है कि इस पूरे प्रकरण में अब तक की जानकारी के मुताबिक एसएमएस मेडिकल कॉलेज से रिटायर हो चुके और अब राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (आरयूएचएस) में कार्य कर रहे डॉक्टरों की भूमिका सामने आ रही है।
केन्द्र के सख्त निर्देशों के बाद राज्य सरकार ने पूरी चेन की पड़ताल शुरू कर दी है। केन्द्र ने कमेटी मौजूद होने के बावजूद पिछले तीन वर्ष से एक भी बैठक नहीं होने को भी गंभीर माना है। केन्द्र ने राज्य को यह भी कहा है कि अंग प्रत्यारोपण के लिए अधिकृत लाइसेंसधारी सभी अस्पतालों में पूरी प्रक्रिया का नियमित निरीक्षण करने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। इसकी सख्ती से व्यवस्था शुरू कर एक रजिस्टर संधारित किया जाए। इसमें सभी प्रत्यारोपण की नियमित जानकारी भी उपलब्ध करवाई जाए।
यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि लाइव और कैडेवर अंग प्रत्यारोपण के मामलों में जीवित दाता और मृत दाता के मामले में दाता और प्राप्तकर्ता दोनों के लिए अस्पताल की ओर से नोटो की वेबसाइट से आइडी तैयार की जाती है। केंद्र का निर्देश है कि कैडेवर प्रत्यारोपण के मामले में अंग के आवंटन पर विचार करने के लिए नोटो आइडी अनिवार्य होने के अलावा लाइव प्रत्यारोपण के मामले में भी यह आइडी सर्जरी होने अधिकतम 48 घंटे में बनाई जाए।
Published on:
28 Apr 2024 07:29 am
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