जयपुर
आमजन को राज्य में मुफ्त इलाज मिले, इसके लिए प्रदेश की सरकार ने मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना 1 मई 2021 से शुरू की। योजना को शुरू हुए एक साल पूरा हो गया और 13 लाख से ज्यादा लोगों के इलाज पर लगभग 1400 करोड़ रूपए से ज्यादा की राशि खर्च कर उन्हें मुफ्त इलाज दिया गया।
वहीं मरीजों को ओर अधिक सुविधा मिले, इसके लिए सरकार ने दूसरी साल में कैशलेस इलाज की राशि का दायरा बढ़ाकर दोगुणा कर दिया। लेकिन पहली साल में ही निजी अस्पतालों में इलाज लेने के लिए पहुंचे अकेले जयपुर जिले के 782 लोग अस्पतालों में हुई असुविधा और अवैध वसूली की शिकायत कर बैठे। यह स्थिति सिर्फ अकेले जयपुर जिले की है जहां पर चिरंजीवी योजना में मरीजों का उपचार नहीं करने की शिकायत सरकार तक पहुंची। इसमें पीड़ितों ने टॉल फ्री नंबर,संपर्क पोर्टल और ऑनलाइन शिकायत दी।
निजी अस्पतालों की ज्यादा शिकायत
जयपुर जिले में मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना से इलाज करवाने पहुंचे अधिकत्तर लोग निजी अस्पतालों से ज्यादा असंतुष्ट नजर आए। हालांकि शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग ने भी तुरंत एक्शन लिया और मरीजों और उनके परिजनों को संतुष्ट किया। जयपुर में मिली कुल 782 शिकायतों में से 666 पर का निस्तारण भी किया गया।
फ्री योजना में भी वसूली गई राशि
जयपुर जिले में सबसे ज्यादा शिकायतें अस्पतालों की ओर से राशि वसूलने को लेकर हुई। योजना के पहले चरण में पांच लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा होने के बावजूद भी निजी अस्पतालों ने 502 लोगों से राशि वसूल ली।
जिसकी शिकायत विभाग के पास पहुंचने पर 465 लोगों की शिकायत का निस्तारण किया गया और संबंधित चिकित्सालयों से बात कर चिकित्सालय द्वारा वूसली गई राशि का उन्ही चिकित्सालयों से वापस शिकायतकर्ता को राशि दिलवा दी गई। लेकिन इन पर इस कृत्य को लेकर चिकित्सालय पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। क्योकि राशि वापस मिलने पर पीड़ित ने भी शिकायत आगे नहीं की। वहीं 163 शिकायत इलाज देने से मना करने की मिली।
जिनमें से 161 का निस्तारण किया गया। इनमें पीड़ित को अस्पतालों के इलाज देने से मना करने पर इलाज उपलब्ध करवाया गया। वहीं 117 तकनीकी समस्या को लेकर मिली शिकायतों में से 40 की शिकायत का निस्तारण किया गया। इन्हें पॉलिसी दस्तावेज डाउनलोड नहीं होने,वॉलेट नहीं दिखने आदि के लिए तकनीकी सहायता उपलब्ध करवाई गई और बाकी 116 शिकायतों को संदिग्ध माना गया। जिसमें डिस्चार्ज के बाद शिकायत करना, पॉलिसी दस्तावेज उपलब्ध नहीं होना आदि के मामले थे। उन्हें सीएमएचओ जयपुर को जांच के लिए भेजा गया।
इस तरह के केस आए सामने
केस 1
50 हजार जमा करवाओ, तब करेंगे भर्ती
जयपुर के एक निजी अस्पताल में 26 मई 2021 को एक मरीज को लेकर परिजन पहुंचे। जहां चिरंजीवी योजना में शामिल होने पर कैशलेस इलाज की मांग की गई। लेकिन अस्पताल प्रशासन ने उन्हें कैशलेस इलाज की जगह 50 हजार रुपए जमा करवाने की मांग की। 20-25 हजार रुपए जमा करवाने पर उनका इलाज शुरू हुआ।
केस 2
कार्ड के बावजूद एक लाख खर्च
वहीं जयपुर निवासी एक महिला को मुख्यमंत्री चिंरजीवी योजना की पॉलिसी देकर निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। लेकिन अस्पताल ने योजना लागू नहीं होने का हवाला देकर उन्हें योजना में लाभ नहीं दिया और करीब एक लाख रुपए की वसूली की।
इनका यह कहना
अधिकत्तर शिकायतों को निस्तारण कर दिया गया है। अभी जो पेडिंग है उनमें ज्यादा शिकायत तकनीकी से जुड़ी है। जिनकी जांच जारी है। वहीं अवैध वसूली या इलाज देने से मना करने पर किसी भी अस्पताल की शिकायत मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई करने का प्रावधान हैं। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना से राज्य सरकार आमजन को आर्थिक बोझ से मुक्ति देना चाहती है। इसलिए इस योजना में शामिल पैकेजों के अनुसार कैशलेस इलाज करवाना आमजन हक हैं। अगर कोई इलाज से मना करता है तो संपर्क पोर्टल,181 और 18001806127 पर शिकायत दर्ज कराएं। निश्चित रूप से कार्रवाई होगी।
डॉ.नरोत्तम शर्मा,सीएमएचओ,जयपुर प्रथम