15 दिन तक कैशलेस की व्यवस्था को भी दिखा रहे "ठेंगा"
विकास जैन
जयपुर. चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में 15 दिन बाद नि:शुल्क इलाज की सुविधा नहीं होने के कारण मरीजों से पैसे वसूले जा रहे हैं। इस बीच कुछ निजी अस्पताल तो यह अवधि पूरी होने से पहले भी मरीजों का बिल बना रहे हैं। राजस्थान पत्रिका में बुधवार के अंक में "10 लाख का दावा गंभीर बीमारियों में "दिखावा", इसके बाद व्यावसायिक दरों पर लूट" शीर्षक से समाचार प्रकाशित होने के बाद एक पीडि़त ने पत्रिका के समक्ष अपनी पीड़ा जाहिर की।
जयपुर निवासी सुशील तिवारी ने बताया कि उनके पिताजी को 3 सिंतबर को सीकर रोड पर निजी अस्पताल में एंजियोप्लास्टी के लिए भर्ती कराया गया। यहां उनके स्टेंट लगाया गया। इलाज का खर्च चिरंजीवी योजना के तहत हुआ, जिसमें भर्ती से 5 दिन पहले और 15 दिन तक नि:शुल्क इलाज के लिए लिखा था। 5 सितंबर को अस्पताल से छुटटी दे दी गई। जिसमें तीन दिन की दवाइयां भी दी गई। फिर से तकलीफ होने पर वे 8 सितंबर को फिर से अस्पताल लेकर गए, लेकिन अब उनका 3140 रुपए का बिल बना दिया गया। चिरंजीवी के तहत 15 दिन तक नि:शुल्क इलाज के लिए उन्होंने कहा तो जवाब मिला कि यह सुविधा तो सरकारी अस्पताल में मिलेगी। इस पर उन्हें पैसे देकर दवाइयां लेनी पड़ी। उन्होंने 181 शिकायत नंबर पर शिकायत पंजीकृत करवाई। 12 सितंबर को पिताजी को फिर से तकलीफ होने पर वे अस्पताल लेकर गए तो उनसे परामर्श शुल्क के पैसे ले लिए गए। दवाइयों का भी बिल बनाया गया। इस पर उन्होंने दुबारा 181 पर शिकायत दर्ज करवाई। लेकिन इस बार भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ।