Christmas 2022: क्रिसमस पर आज सुबह से जहां गिरजाघरों व चर्च में विशेष प्रार्थना सभाएं हो रही है, वहीं 1871 के दशक में घाटगेट में बने राजस्थान के पहले कैथोलिक चर्च में क्रिसमस का उल्लास देखने को मिला।
जयपुर। सत्य, प्रेम, करुणा व दया का संदेश देने वाले प्रभु यीशु के अवतरण को लेकर देश—दुनिया में उल्लास नजर आ रहा है। क्रिसमस पर आज सुबह से जहां गिरजाघरों व चर्च में विशेष प्रार्थना सभाएं हो रही है, वहीं 1871 के दशक में घाटगेट में बने राजस्थान के पहले कैथोलिक चर्च में क्रिसमस का उल्लास देखने को मिला।
कोविड के दो साल बाद क्रिसमस का पर्व श्रद्धा और विश्वास के साथ सामूहिक रूप से मनाया जा रहा है। राजधानी जयपुर के गिरजाघरों और चर्च में सामूहिक आराधना हो रही है। बिशप, फादर व पादरी प्रार्थना सभा में बाइबल का संदेश दे रहे है। बाइबिल पाठ के साथ विश्व में अमन चैन के लिए प्रार्थना की जा रही है।
घाटगेट स्थित सेक्रेट हार्ड चर्च में बिशप ओसवल्र्ड लुविस के सान्निध्य में सामूहिक प्रार्थना सभा हुई। बिशप ओसवल्र्ड लुविस ने अपने संदेश में कहा कि ईश्वर ने भूमंडल की रचना की। इस दौरान मनुष्य को आदेश दिए, लेकिन मनुष्य ने ईश्वर के उस आज्ञा को भंग कर दिया, नियम तोड़े यानी पाप किए। उस पाप के कारण मनुष्य का रिश्ता ईश्वर से दूरी का हो गया। मनुष्य की मुक्ति के लिए प्रभु यीशु के रूप में मनुष्य बने, उन्होंने हमारे बीच निवास किया। 33 साल वे दुनिया में रहे, उस दौरान उन्होंने मनुष्यों की सेवा की, आदेश, उपदेश दिए। मनुष्य बनकर उन्होंने प्रेम, उदारता, करुणा का संदेश दिया।
मनुष्य के प्रति ईश्वर का प्रेम ही क्रिसमस
बिशप ओसवल्र्ड लुविस ने अपने संदेश में कहा कि मनुष्य के प्रति ईश्वर का प्रेम ही क्रिसमस है। क्रिसमस पर ईश्वर का प्रेम, उनकी उदारता और करुणा का मनुष्य अनुभव करता है। ईश्वर का प्रेम हमारे बीच है, वे हमारी देखभाल करते है, मुसीबतों से हमें बचाते है। इसलिए क्रिसमस का आनंद मनाते हैं।