जयपुर. बैंड से निकलती भक्ति संगीत की मधुर स्वर लहरियों के बीच राधे-राधे की गूंज। हरिनाम संकीर्तन करता भक्तों का जत्था। जन्माष्टमी के दूसरे दिन शुक्रवार को गोविंददेवजी मंदिर से निकाली गई शोभायात्रा में ऐसा ही नजारा दिखाई दिया। शाही लवाजमे के साथ नगर भ्रमण पर निकले शहर के आराध्य ने जगह-जगह श्रद्धालुओं को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया। संकीर्तन मंडलियों ने खड़ताल, ढोलकी की थाप के बीच भक्ति गीतों से आस्था का संचार किया। शोभायात्रा में ठाकुरजी का स्वर्णिम चित्रपट फूलों से सजे विशेष रथ पर विराजित रहा।
शोभायात्रा में 22 झांकियां
भगवान गणपति सहित चारदीवारी के अन्य मंदिरों के विग्रहों की झांकियों के साथ निकली शोभायात्रा की महंत अंजन गोस्वामी और प्रबंधक मानस गोस्वामी ने आरती की। आधा दर्जन कीर्तन मंडलों और 22 झांकियाें के साथ निकली शोभायात्रा में बड़ी तादाद में श्रद्धालु शामिल हुए।
यह रहा रूट
हवामहल, जौहरी बाजार, बापू बाजार, त्रिपोलिया बाजार, चांदपोल व बगरू वालों का रास्ता होती हुई शोभायात्रा देर रात पुरानी बस्ती स्थित मंदिर गोपीनाथजी पहुंची। लगभग चार किलोमीटर के यात्रा मार्ग में 30 से अधिक जगहों पर सर्वधर्म समाज के लोगों ने शोभायात्रा का पुष्पवर्षा से स्वागत किया। ठाकुरजी के चित्रपट की आरती उतारी।