
जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज अपनी सरकार का पांचवा और अंतिम बजट पेश करने जा रहे हैं। सीएम गहलोत बतौर वित्त मंत्री सदन दसवीं बार बजट पेश करेंगे। बजट पेश करने के साथ ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के 10 बार बजट पेश करने की बराबरी भी कर लेंगे। अब सभी की निगाहें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर हैं जो अपनी सरकार के पांचवें और अंतिम बजट में लोकलुभावन घोषणाएं करके आमजन को साधने का प्रयास करेंगे।
2003 में वसुंधरा राजे ने शुरू किया था ट्रेंड
दरअसल राजस्थान में मुख्यमंत्री ही वित्त मंत्री के तौर पर बजट पेश करने का ट्रेंड पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने 2003 में मुख्यमंत्री बनने के बाद शुरू किया था। 2003 से लेकर 2008 तक पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने लगातार 5 साल तक वित्त मंत्री के तौर पर बजट पेश किया और उसके बाद जब सरकार बदली और सीएम गहलोत दूसरी बार मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए वित्त मंत्री के तौर पर 2009 से लेकर 2013 तक वित्त मंत्री के तौर पर बजट पेश किया।
इसके बाद फिर सरकार बदली और वसुंधरा राजे दूसरी बार मुख्यमंत्री बनी तब उन्होंने भी 2013 से लेकर 2018 तक लगातार 5 साल तक वित्त मंत्री के तौर पर सदन में बजट पेश किया और अब 2019 से लेकर 2023 तक अशोक गहलोत वित्त मंत्री पांचवीं बार अपनी सरकार का बजट पेश कर रहे हैं। हालांकि इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री रहे जगन्नाथ पहाड़िया भी वित्त मंत्री के तौर पर अपनी सरकार का बजट पेश कर चुके हैं।
गहलोत के पहले कार्यकाल में प्रद्युमन और चंदनमल बैद ने किए बजट पेश
हालांकि अशोक गहलोत तीसरी बार मुख्यमंत्री हैं। अशोक गहलोत 1998 में जब पहली बार मुख्यमंत्री बने थे लेकिन तब चंदनमल बैद और प्रद्युमन सिंह ने गहलोत सरकार के पहले कार्यकाल में वित्त मंत्री के तौर पर सरकार का बजट पेश किया था।
काफी अहम माना जाता है वित्त विभाग
दरअसल मुख्यमंत्री का ही वित्त मंत्री बने रहने का ट्रेंड चलने के पीछे एक वजह यह भी है कि वित्त विभाग को सबसे अहम माना जाता है, बजट बनाने का पूरा का जिम्मा भी वित्त विभाग के कंधों पर ही होता है, इसलिए मुख्यमंत्री अब वित्त विभाग अपने पास रखने लगे हैं।
वीडियो देखेंः- Rajasthan Budget : 10 को सीएम गहलोत करेंगे बजट पेश
Published on:
10 Feb 2023 10:18 am
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