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केन्द्र के उपक्रम की बजाय निजी उत्पादकों से महंगे दाम पर खरीदा कोयला— राठौड़

राज्य सरकार पर बरसे उपनेता प्रतिपक्ष

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केन्द्र के उपक्रम की बजाय निजी उत्पादकों से महंगे दाम पर खरीदा कोयला— राठौड़

केन्द्र के उपक्रम की बजाय निजी उत्पादकों से महंगे दाम पर खरीदा कोयला— राठौड़

जयपुर। उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कोयला संकट पर राज्य सरकार को घेरा है। उन्होंने ट्वीट किया है कि राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार के उपक्रम से कोयला नहीं खरीदकर निजी कोयला उत्पादक कंपनियों से महंगे दामों पर कोयला खरीदा और निर्धारित समयावधि पर इन कंपनियों को सरकार द्वारा भुगतान भी नहीं किया गया। इस कारण कोयला उत्पादक कंपनियों ने कोयला आपूर्ति बंद कर दी। राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री को मैंने पूर्व में भी बिजली संकट को लेकर बार-बार चेताया था। लेकिन सरकार के कुप्रबंधन एवं अदूरदर्शिता के कारण प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में बिजली कटौती हो रही है। अब तक जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ एक्शन नहीं लेना दुर्भाग्यपूर्ण है। पिछले दस वर्ष में यह पहली बार है जब गांवों में 8-8 घंटे कटौती होने से किसान सबसे ज्यादा परेशान है। किसानों के लिए यह समय फसलों की बुवाई का है।

अब भी कोयला कम मिल रहा
जयपुर। कोल इंडिया से राज्य के बिजलीघरों में अब भी पूरा कोयला नहीं मिल पा रहा है। ऊर्जा सचिव ने एक बार फिर केन्द्रीय कोल सचिव से बात की और अनुबंध के आधार पर अब हर दिन 11.5 कोयला रैक उपलब्ध कराने की जरूरत जता दी, जबकि अभी 5 ही रैक मिल रही है। इस स्थिति की जानकारी कोयला मंत्री तक भी पहुंचाई गई है। कारण, कोल इंडिया लगातार रैक बढ़ाने का आश्वासन देता रहा लेकिन उसके अनुपात में प्रदेश में कोयला नहीं पहुंचाया जा रहा। एक रैक में 4 हजार टन कोयला आता है।