हालांकि इस बार कांग्रेस ने दो सीटों पर गठबंधन किया है तो वहीं भाजपा ने सभी 25 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं। ऐसे में इस बार दोनों ही दलों के बीच हो रहे मुकाबले पर सभी की नजरें टिकी हुई है। प्रदेश में अब तक हुए लोकसभा चुनाव की बात करें तो कांग्रेस तीन और भाजपा को एक बार सभी सीटों पर हार का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस की 1989, 2014 और 2019 में सभी सीटों पर हार हुई। वहीं भाजपा की भी 1984 में सभी 25 सीटों पर हार हुई।