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Rajasthan Election 2023: कांग्रेस की विदाई तय, भारी बहुमत से सरकार बनाएगी भाजपा: पूनिया

भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया की पत्रिका से विशेष बातचीत
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Rajasthanassemblyelection 2023:कांग्रेस की विदाई तय, भारी बहुमत से सरकार बनाएगी भाजपा— पूनिया

Rajasthanassemblyelection 2023:कांग्रेस की विदाई तय, भारी बहुमत से सरकार बनाएगी भाजपा— पूनिया

भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं उपनेता प्रतिपक्ष सतीश पूनिया ने कहा है कि राजस्थान में भाजपा डेढ सौ सीटें जीतकर भारी बहुमत से सरकार बनाने जा रही है। राजस्थान की कांग्रेस सरकार से हर वर्ग पीडि़त है। युवा, महिलाएं और किसान सबसे ज्यादा ठगे गए हैं। कांग्रेस में आज भी गांधी परिवार ही सब कुछ तय कर रहा है, जबकि भाजपा में छोटे से छोटे कार्यकर्ता को भी बराबर सम्मान मिल रहा है। पूनिया ने चुनाव के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर पत्रिका संवाददाता अरविन्द सिंह शक्तावत से बातचीत की। पूनिया से बातचीत के प्रमुख अंश।

सवाल- राजस्थान चुनाव में अब चंद दिन बचे हैं, क्या लग रहा है ?

जवाब- कांग्रेस सरकार अंतिम सांसें गिन रही है, चंद दिनों की बची है कांग्रेस सरकार और राजस्थान की जनता बेसब्री से 25 नवंबर का इंतजार कर रही है, जिससे वह राष्ट्रवाद के विचार को मजबूती देने के लिए ईवीएम का बटन दबाकर कांग्रेस सरकार की विदाई और भाजपा सरकार का आगमन सुनिश्चित करेगी।

कांग्रेस सरकार ने संपूर्ण किसान कर्जमाफी का वादा पूरा नहीं करके किसानों के साथ धोखा किया, पेपर लीक से युवाओं के सपने तोड़े, बिगड़ी कानून व्यवस्था से कानून का राज खत्म किया, सर्वाधिक वैट होने से पेट्रोल-डीजल की कीमतें सभी राज्यों से अधिक राजस्थान में है। प्रदेश में कहीं भी बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं हैं, पांच साल में 11 लाख से अधिक मुकदमे दर्ज हुए, प्रदेश का हर वर्ग इस सरकार से प्रताड़ित है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों से तीन चौथाई बहुमत की भाजपा सरकार बनेगी।

सवाल- किन मुद्दों को लेकर आप लोग राजस्थान का चुनाव लड़ रहे हैं ?
जवाब- कांग्रेस शासन में पेपर लीक, बिगड़ी कानून व्यवस्था, किसानों से कर्जमाफी के नाम पर वादाखिलाफी, महिलाओं के खिलाफ अत्याचार चरम पर, माफियाओं का आतंक, भ्रष्टाचार इत्यादि तमाम मुद्दे हैं, जो कांग्रेस सरकार की हार के कारण बनेंगे। इन मुद्दों से पूरे प्रदेश में कांग्रेस सरकार के खिलाफ सत्ताविरोधी लहर और मोदी सरकार की किसान, दलित और आदिवासी उत्थान की नीतियों से राजस्थान में डबल इंजन की भाजपा सरकार बनने जा रही है।


सवाल - आप ख़ुद चुनाव लड़ रहे हैं , आप अपने आपको अपनी सीट पर कितना मज़बूत या कमजोर मानते हैं ?

जवाब- मेरा सौभाग्य है कि शिला माता की पवित्र स्थली आमेर से मुझे पार्टी ने दूसरी बार चुनाव लड़ने का अवसर दिया है। आमेर मेरे लिए परिवार है और मैं आमेर परिवार का सदस्य हूं, आमेर से राजस्थान की राजनीति के अजातशत्रु भैरोंसिंह शेखावत विधायक रहे, जिन्होंने मुख्यमंत्री से लेकर उपराष्ट्रपति तक के पदों को सुशोभित कर आमेर, राजस्थान और भारत का नाम रोशन किया। आमेर का चुनाव यहां की जनता और कार्यकर्ता हर बूथ पर स्वयं को नरेन्द्र मोदी मानकर लड़ रहे हैं, जिससे यहां भाजपा जीत का नया इतिहास रचने जा रही है।

सवाल - भाजपा के कई बाग़ी मैदान में हैं , पार्टी की तमाम कोशिशें होने के बाद भी बाग़ी नहीं बैठ रहे ?

जवाब- भाजपा में संगठन सर्वोपरि है। व्यक्ति की महत्वाकांक्षाओं से अधिक जरूरी संगठन की मजबूती महत्वपूर्ण है। हमारी पहचान कमल का फूल और हमारे नेता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं। संगठन मजबूत होगा तो हम मजबूत होंगे। हमारा लक्ष्य संगठन की विजय और भारत का स्वाभिमान बढ़ाना हैं,जो रूठे हैं सब अपने हैं। परिवार में भी छोटी-मोटी बातें होती रहती हैं, सबको मनाने की कोशिशें पार्टी का शीर्ष नेतृत्व कर रहा है, मुझे पूरा विश्वास है सभी पार्टी के साथ होंगे, सकारात्मक परिणाम भाजपा की प्रचंड बहुमत की सरकार बनने के रूप में सबके सामने होंगे।

सवाल- कांग्रेस में साफ़ है , सरकार बनी तो कौन होगा सीएम , भाजपा किसके भरोसे चुनाव लड़ रही है ?

जवाब- कांग्रेस में कभी साफ नहीं रहता कि मुख्यमंत्री कौन होगा, वोट किसी के नाम पर मांगते हैं और मुख्यमंत्री वही बनता है , जिस पर गांधी खानदान मेहरबान होता है। 2018 और उससे पहले आपने देखा ही होगा। कांग्रेस में परिश्रमी लोगों और नई लीडरशिप की कोई कद्र नहीं है। सबने देखा है कांग्रेस की अंतरकलह और झगड़ा। भाजपा में मुख्यमंत्री का चयन संसदीय बोर्ड तय करता है, हमारी पार्टी में कांग्रेस की तरह कोई परिवार मुख्यमंत्री तय नहीं करता। भाजपा में चाय वाला भी प्रधानमंत्री पद पर पहुंचता, यही भाजपा की खूबी है, यहां कार्यकर्ताओं का सम्मान है।


सवाल- भाजपा में कई बड़े नेताओं के टिकट काट दिए , दो पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भी टिकट से वंचित रह गए, वरिष्ठ कार्यकर्ताओं में इसका क्या संदेश जाएगा ?
जवाब-कार्यकर्ता पार्टी की पूंजी है, करोड़ों कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम से ही भाजपा दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक संगठन बना है। पीढ़ी के बदवाव के साथ पार्टी हमेशा नए नेतृत्व को आगे बढ़ाती है, जो सतत प्रक्रिया है। पद की जिम्मेदारी पार्टी में संस्थागत होती और वरिष्ठों का सम्मान भी हमेशा पार्टी में बना रहता है, वरिष्ठों के मार्गदर्शन में पार्टी कार्य करती है। देश के विभिन्न राज्यों में आपने देखा होगा कि भाजपा में मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक के वरिष्ठ पदों पर रहे लोगों की जिम्मेदारियां भी बदलती हैं, जिम्मेदारियों के बदलाव से नई पीढ़ी का रास्ता खुलता है और वरिष्ठों का भी सम्मान बढ़ता जाता है, जो पार्टी का गार्जियन की तरह नेतृत्व करते हैं।


सवाल- भाजपा में बड़े नेताओं के बीच आज भी गुटबाज़ी बरकरार है। एक जाजम पर बैठते तो हैं लेकिन मन में दूरियां आज भी जस की तस है ?

जवाब- भाजपा में सब एक जाजम पर बैठने के साथ-साथ सबके मन भी मिले हुए हैं और दिल भी। सब एक हैं। एकजुट हैं। हमारे नेता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं। हम सामूहिक नेतृत्व में भाजपा के छाते के नीचे सिर्फ एक ही लक्ष्य लेकर कार्य कर रहे हैं कि 2023 में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के साथ सरकार बने और 2024 में नरेन्द्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बनें।


सवाल- आपको राजस्थान में किसकी सरकार बनती दिख रही है । भाजपा कितनी सीटें जीतेगी ?

जवाब- प्रचंड बहुमत के साथ कमल का फूल खिलने जा रहा है और 150 से अधिक सीटों के साथ भाजपा की सरकार बनने जा रही है। इसकी वजह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मजबूत एवं कुशल नेतृत्व, केन्द्र सरकार की कल्याणकारी नीतियां, भाजपा संगठन की 50 हजार बूथों, पन्ना और पेज समितियों तक मजबूती है। जनविरोधी नीतियों के कारण कांग्रेस सरकार के खिलाफ पूरे प्रदेश में एंटी-इन्कमबेंसी का माहौल है।

सवाल- भाजपा की सरकार बनती है तो मुख्यमंत्री कौन होगा ?
जवाब- हम सबका लक्ष्य राजस्थान में अजेय-अभेद्य भाजपा सरकार बनाना है, जो विकसित राजस्थान बनाने के लिये प्रतिबद्ध होकर कार्य करेगी। मुख्यमंत्री कौन होगा, यह पार्टी का संसदीय बोर्ड तय करेगा। भाजपा कमल का फूल और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ रही है। ब्रांड नरेन्द्र मोदी लोगों का भरोसा, विश्वास और विकास का प्रतीक है।