
जयपुर। प्याज के बाद ( Onion price ) अब खाद्य तेलों ( cooking oil Price ) ने तेजी की रफ्तार पकड़ी है। ढाई माह के दौरान खाने के तेल करीब 37 फीसदी तक उछल चुके हैं। सरकार की ओर से कोई सार्थक प्रयास अभी तक नजर नहीं आ रहे हैं। उधर सरकार के पास लगभग 13 लाख टन सरसों एवं मूंगफली का स्टॉक पड़ा हुआ है।
नई तिलहन आने में अभी दो माह की देरी है। तेलों की कीमतें काबू में रहें, इसके लिए सरकार को तुरंत प्रभाव से तिलहनों की बिक्री बढ़ा देनी चाहिए। गौरतलब है कि मलेशिया और इंडोनेशिया से आयातित पाम तेल महंगा होने से देश में सोयाबीन और सरसों तेल समेत तमाम तेल व तिलहनों के भावों में जोरदार तेजी का रुख बना हुआ है। बीते ढ़ाई माह में पामोलिन तेल 37.50 फीसदी महंगा हो गया है। इसी प्रकार सरसों तेल 15 प्रतिशत एवं सोयाबीन तेल 20 फीसदी उछल गया है।
तिलहनों का कहां कितना स्टॉक
सरसों सीड- राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, गुजरात तथा उत्तर प्रदेश में कुल 9 लाख 12 हजार टन।
मूंगफली- राजस्थान, उत्तर प्रदेश तथा गुजरात में कुल 2 लाख 56 हजार टन।
तेलों के कब कितने भाव
तेल--------------4 अक्टूबर-----------24 दिसंबर---------बदलाव
पामोलिन ऑयल----544 रुपए--------748 रुपए------------37.50
सोयाबीन तेल--------760 रुपए--------912 रुपए--------20.00
सरसों तेल --------825 रुपए --------950 रुपए--------15.15
(औसत भाव रुपए प्रति 10 किलो, बदलाव प्रतिशत में)
Updated on:
25 Dec 2019 09:56 am
Published on:
25 Dec 2019 09:54 am
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