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राजस्थान ने बनाया रेमडेसीिवर का सबसे बड़ा बफर स्टॉक, 2 साल एक्सपायर नहीं होने वाले 4.42 लाख इंजेक्शन खरीदे

इंजेक्शन के एक्सपायर होने के खतरे को देखते हुए तीसरी लहर से निपटने की बड़ी तैयारी.... सरकार का दावा..अब तक दो से तीन महीने की मिल रही थी एक्सपायरी डेट, अब 2 साल नहीं होंगे एक्सपायर तीसरी लहर के समय की अनिश्चितता को देख बनाया स्टॉक...दूसरी लहर में रेमडेसीविर की कमी ने मचाया था कोहराम

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जयपुर

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Vikas Jain

Sep 10, 2021

भारत में कोरोना के नए मामले

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जयपुर. कोविड की पहली और दूसरी लहर से सबक लेते हुए राज्य सरकार ने अब तीसरी लहर से निपटने के लिए दो साल की शेल्फ लाइफ वाले रेमेडेसीविर इंजेक्शनों की खरीद की है। इनमें 18 करोड़ कीमत के 4.42 लाख इंजेक्शनों का बफर स्टॉक भारत सरकार की ओर से दिए गए दिशा निर्देशों के अनुसार किया गया है। राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन आरएमएससीएल का दावा है कि कोरोना के दौरान इतनी लंबी अवधि तक की एक्सपायरी अवधि की यह पहली खरीद है। जिसमें दो साल तक इंजेक्शन का उपयोग किया जा सकेगा।

दरअसल, तीसरी लहर कब आएगी, इसे लेकर अभी भी असमंजस बना हुआ है। ऐसे में तीसरी लहर अब यदि दो साल तक भी आती है तो इनका उपयोग किए जाने का दावा राज्य सरकार का है। इससे पहले 2 से 3 महीने की एक्सपायरी होने वाले इंजेक्शनों की खरीद की गई थी।
पूर्व में पहली लहर जाने के बाद दूसरी लहर से पहले राजस्थान को जल्द एक्सपायर होने वाले इंजेक्शन पंजाब को भेजने पड़े थे।

केन्द्र सरकार ने 13 जुलाई को दी एडवायजरी

केन्द्र सरकार ने 13 जुलाई को कोरोना की तीसरी लहर की संभावनाओं को देखते हुए 8 अति आवश्यक दवाइयों का बफर स्टॉक रखने के निर्देश राज्य सरकारों को दिए थे। जिनमें रेमडेसीविर इंजेक्शन भी शामिल हैं। गौरतलब है कि कोविड की दूसरी लहर के दौरान रेमडेसीविर की भारी किल्लत रही। निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को तो ये आसानी से उपलब्ध ही नहीं हो पाए थे।

सितंबर तक का रेट कांट्रेक्ट, दूसरे राज्यों से कम कीमत — एमडी आरएमएससीएल

राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (आरएमएससीएल) के प्रबंध निदेशक आलोक रंजन का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान रेमडेसीविर की अत्यधिक मांग रही। अब भारत सरकार ने 8 दवाओं का बफर स्टॉक रखने के निर्देश दिए हैं। अब चूंकि तीसरी लहर कभी भी आ सकती है, इसे देखते हुए दो साल तक एक्सपायर नहीं होने वाले इंजेक्शन इस बार खरीदे हैं। इतना ही नहीं, राज्य की दरें झारखंड, मध्यप्रदेश, बिहार, उड़ीसा, तेलंगाना, गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडू और कर्नाटक से काफी कम हैं। राज्य ने 1089 में खरीदा, जबकि उक्त् राज्यों की खरीद 1215 से 1568 रुपए के बीच है। राज्य ने 30 दिसंबर 2020 से ही इस दर पर तीन कंपनियों से 50, 25 और 25 के अनुपात पर टेंडर किया हुआ था, जो सितंबर 2021 में समाप्त होना है। उन्होंने कहा कि ईएसआई को भी सीएमएचओ के माध्यम से आरएमएससीएल ने ही इंजेक्शन उपलब्ध करवाए।