
कोरोना वायरस के कहर ने अफीम तुलाई का इंतजार कर रहे अफीम काश्तकारों को बड़ा झटका दिया है। तोल का इंतजार कर रहे अफीम काश्तकारों को बड़ा झटका दिया है। केन्द्र ने अफीम तोल अग्रिम आदेश तक स्थगित कर दिया है। प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुई अफीम की फसल की हंकवाई भी देश में लॉक डाडन होने से रुक गई है। विकट हालात में काश्तकारों की अफीम की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। मजदूरों के गांवों को लौटने से भी कई गांवों में डोडों पर चीरा लगने का कार्य अटक गया है।
भीलवाड़ा संभाग में गत वर्ष के मुकाबले इस बार अफीम की उपज बेहतर हुई है। काश्तकार समय पर खराब फसल की हंकवाई होने और तोल केन्द्र स्थापित होने को लेकर आश्वस्त थे, लेकिन इस बार मौसम से अधिक कोरोना का कहर काश्तकारों पर टूटा है। केन्द्र ने अफीम की फसल में खराबा होने की स्थिति में हंकवाई के लिए 13 मार्च तक आवेदन मांगे थे। जिला अफीम विभाग ने 178 आवेदन के आधार पर हंकाई भी शुरू करवा दी थी, लेकिन कोरोना वायरस का प्रकोप गहराने से देश में प्रधानमंत्री के लॉक डाउन लागू करने से हंकाई का कार्य रुक गया। दूसरी तरफ अधिकांश काश्तकारों ने डोडो पर चीरा लगाते हुए दूध का संग्रहण कर लिया। ऐसे काश्तकारों की चिंता भी अफीम की सुरक्षा को लेकर बढ़ गई है। अधिकांश काश्तकार खेत में हंकाई के लिए गिरी फसल और घरों में लॉक हुई अफीम के चोरी जाने के भय से रातों को जागने का मजबूर हैं।
ये गांव हुए प्रभावित
यदि सिर्फ भीलवाड़ा जिले की ही बात करें तो जिले में बडला, बनकाखेड़ा, सवाईपुर, खजीना, होलीरडा, आकोला, रेणवास, खारों का खेड़ा, राणीखेड़ा, रेडवास, जीतियास, कालीरडिया, काबरी,भगू नगर, मानपुरा, अमरगढ़ सहित दर्जनों गांवों में इन दिनों अफ ीम की फसल से दूध लेने का कार्य, लुआई व चिराई का कार्य चल रहा है। लेकिन कोरोना प्रकोप से कोटड़ी क्षेत्र में बंद घोषित होने से अधिकांश मजदूर गांव लौट गए हैं तो किसान भी खेतों से घरों में आ गए हैं। ऐसे में कई खेतों में फसल की हंकाई को लेकर किसान चिंतित है।
14 अप्रेल तक सिर्फ लॉक डाउन की पालना
भीलवाड़ा के जिला अफीम अधिकारी एसके सिंह का कहना है कि कोरोना वायरस को लेकर देश में प्रधानमंत्री के निर्देश पर लॉक डाउन है। केन्द्र की आदेश की पालना में सभी कार्य रोक दिए गए हैं। हंकाई कार्य रोक दिया गया है और अफीम तोल भी अग्रिम आदेश तक स्थगित है। पूर्व में कई आवेदनों के आधार पर हंकाई हो चुकी हैए शेष कार्य 14 अप्रेल के बाद से होगा। अफीम तोल कार्यक्रम भी अग्रिम आदेश तक स्थगित है। काश्तकारों को चाहिए कि वो संग्रहित दूध व डोडे की सुरक्षा करें और लॉक डाउन की पालना करते हुए घरों या खेतों में सुरक्षित रहे।
Published on:
31 Mar 2020 01:19 pm
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