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​कोरोना वायरस के कहर के बीच बयाना से आई राहतभरी खबर

पूरे देश में कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते हुए प्रकोप के बीच भरतपुर जिले का बयाना कस्बा इस महामारी पर प्रभावी नियंत्रण का नया मॉडल बनकर उभरा है।

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बॉर्डर पर वाहनों को जांच के बाद ही मिलेगा प्रवेश

बॉर्डर पर वाहनों को जांच के बाद ही मिलेगा प्रवेश

जयपुर। पूरे देश में कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते हुए प्रकोप के बीच भरतपुर जिले का बयाना कस्बा इस महामारी पर प्रभावी नियंत्रण का नया मॉडल बनकर उभरा है। कस्बे में अब तक मिले 99 कोविड-19 संक्रमित मरीजों में से 96 रोगी पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं तथा उम्मीद है कि शेष 3 रोगी भी शीघ्र स्वस्थ हो जाएंगे। यह भी उल्लेखनीय है कि बयाना के एक भी कोरोना वायरस संक्रमित रोगी की मृत्यु नहीं हुई है।

बयाना को महामारी विस्फोट की स्थिति से सफलतापूर्वक निकालने का श्रेय जिला कलक्टर नथमल डिडेल के नेतृत्व में पुलिस, प्रशासन, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की मेहनती और ऊर्जावान टीम को जाता है, जिसने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं समय-समय पर राज्य सरकार की ओर से कोविड-19 संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम के लिए जारी दिशा-निर्देशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित की।

तत्काल कांटेक्ट ट्रेसिंग
7 अप्रेल को बयाना में कोविड-19 संक्रमण के पहले तीन पॉजिटिव मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए बिना समय गंवाए रोगियों की कांटेेक्ट ट्रेसिंग करवाई और सभी सम्भावित संदिग्धों को क्वारेंटाइन किया। जिन-जिन रोगियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई उन्हें तत्काल एसएमएस अस्पताल जयपुर तथा 13 अप्रेल के बाद मिले रोगियों को जिला आरबीएम अस्पताल में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया।

पूरा मौहल्ला किया क्वारंटाइन
बयाना के मरीजों में कोरोना वायरस संक्रमण के कोई लक्षण मौजूद नहीं थे। ऎसे में प्रशासन की जिम्मेदारी और बढ़ गई। तुरन्त कार्रवाई करते हुए बयाना के पूरे कसाईपाडा मौहल्ले को ही क्वारंटाइन करने का निर्णय लिया गया, जिससे संक्रमण कस्बे के दूसरे क्षेत्रों में नहीं फैल सका। बयाना के 6 क्वारंटाइन सेंटरों में 236 लोगों को रखा गया तथा 4 हजार 982 लोगों को सतर्कता बरतते हुए होम क्वारंटाइन किया गया। प्रशासन की यह रणनीति काफी हद तक कारगर भी रही।

लगातार स्क्रीनिंग
संक्रमित क्षेत्र को पूरी तरह सील कर बयाना नगरपालिका क्षेत्र में महाकर्फ्यू लगा दिया गया और लोगों की स्क्रीनिंग एवं संदिग्धों के सैम्पल भेजने का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया गया। नगरपालिका के सफाईकर्मी पूरे क्षेत्र का लगातार सैनेटाइजेशन करते रहे। संक्रमित क्षेत्र के 4 हजार निवासियों की अब तक 8 बार स्क्रीनिंग की जा चुकी है और 858 संदिग्धों के सैम्पलों की जांच करवाई गई है।

प्रभावी निगरानी
क्वारंटाइन सेन्टरों में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी के साथ-साथ वहां रखे गए लोगों को मोबाइल फोन के माध्यम से सर्विलांस पर रखा गया और यह सुनिश्चित किया गया कि वे क्वारंटाइन सेन्टर को किसी भी स्थिति में नहीं छोड़ें। आवश्यक होने पर सख्ती बरतते हुए नोटिस व पुलिस में मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई भी की गई। क्वारंटाइन सेन्टरों में पब्लिक ऎड्रेसिंग सिस्टम के माध्यम से लोगों को सुरक्षित दूरी बनाये रखने और स्वच्छता की जानकारी दी गई। यह भी सुनिश्चित किया गया कि लोगों को समय पर चाय-नाश्ता एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन मिले। क्वारंटाइन सेन्टरों में रखे गए बच्चों के मनोरंजन के लिए ड्राईंग किट तथा खेलों की व्यवस्था की गई।

बयाना मेें कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रभारी लगाए गए आरएएस अधिकारी आकाश रंजन का कहना है कि बयाना कस्बे में कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम एवं बचाव के लिए चलाया गया अभियान सफल सिद्ध हुआ है और चिकित्सकों, प्रशासन एवं पुलिस के समन्वय से प्रभावी तथा तत्काल की गई कांटेक्ट ट्रेसिंग से यह सफलता सम्भव हो सकी है।

आरएएस अधिकारी आकाश रंजन का कहना है कि बयाना में अब भी 2 क्वारंटाइन सेन्टरों में 46 लोग निगरानी में हैं। 4 मई को 56, 6 मई को 137 लोग क्वारंटाइन अवधि पूर्ण होने के बाद सकुशल अपने घर जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि कोरोेना वायरस संक्रमण की इस चुनौती से निपटने के यह लड़ाई अभी जारी है और यह महामारी बयाना में पुनः अपने पैर नहीं फैला सके इसके लिए हम हरपल सतर्क और जागरूक हैं।