
आठ से 17 जनवरी तक आयोजित होने वाले गंगासागर मेले की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। राज्य प्रशासन का तमाम अमला अपने अपने कामों में जुट गया है। राज्य सरकार की नई पहलों में बांग्लार मंदिर के तहत एलइडी के माध्यम से राज्य के पांच मंदिरों के दर्शन श्रद्धालुओं को कराए जाएंगे। प्रसिद्ध मंदिर तारापीठ, दक्षिणेश्वर काली, कालीघाट, जोड़ा काली और तारकेश्वर मंदिर में होने वाली आरती भी दिखाई जाएगी। श्रद्धालुओं को अहसास होगा कि वे किसी शक्तिपीठ में हैं। पहली बार प्रशासन तीर्थयात्रियों को स्पेशल फोटो के साथ सर्टिफिकेट देगा। प्रशासन बंधन पहल के जरिए तीर्थयात्रियों को जिला प्रशासन के साथ जोडऩे की कोशिश करेगा ताकि वे मेले से जुड़ी बेहतरीन यादें ले जा सकें। कियोस्क में फोटो लेकर सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा।
वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सभी सावधानियां
दक्षिण 24 परगना के कलक्टर सुमित गुप्ता ने कहा कि मेले के दौरान कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सभी सावधानियां बरती जाएंगी। हम सभी आवश्यक सावधानियां सुनिश्चित करेंगे। जहाजों को सैनिटाइज किया जाएगा। हम सरकार से प्राप्त सभी निर्देशों का भी पालन करेंगे। ई-पूजा, ई-स्नान और सागर संग्रहालय सहित पिछले साल की हमारी पहल जारी रहेगी। मेला मैदान में 100 एंबुलेंस, एक एयर एंबुलेंस और चार वाटर एंबुलेंस होंगी। नौसेना और तटरक्षक की टीमों के साथ-साथ एनडीआरएफ की पांच टीमों को स्टैंडबाय पर रखा जाएगा। हम सुरक्षा स्थिति पर नजर रखने के लिए मेगा कंट्रोल रूम भी खोलेंगे।
इस बार कुंभ नहीं, आ सकती है रिकॉर्ड भीड़
चूंकि इस बार कुंभ मेला नहीं है, इसलिए राज्य प्रशासन का अनुमान है कि गंगासागर मेले में रिकॉर्ड भीड़ देखने को मिल सकती है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चार जनवरी को कोलकाता से गंगासागर के लिए रवाना होंगी। वे गंगासागर मेले की सभी तैयारियों का जायजा लेंगी। कपिलमुनि आश्रम भी जा सकती हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार वे 6 जनवरी को कोलकाता लौट सकती हैं। राज्य सचिवालय नवान्न की ओर से सभी निर्देश दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन को दे दिए गए हैं। गंगासागर में प्रत्येक साल मकर संक्रांति पर मेले का आयोजन किया जाता है।
Published on:
24 Dec 2022 11:15 pm
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