
राजस्थान में एक लाख पुलिसकर्मियों के वीकली ऑफ देने को लेकर डीजीपी ने दिए यह संकेत
जयपुर. राजस्थान पुलिस बेड़े की कमान संभालने के बाद डीजीपी उमेश मिश्रा की प्राथमिकता प्रदेश में अपराधों पर लगाम लगाने, अपराधियों पर नकेल कसने और फोर्स की जरूरतों को पूरा करना की रहेगी। वे राजस्थान पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती कमजोर वर्ग पर अपराध, महिला अपराध, बालिका अपराध और साइबर क्राइम को मानते हैं, जिस पर काम किया जाना बाकी है। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों के वीकली ऑफ पर भी काम किया जा रहा हैं। राजस्थान पत्रिका के रिपोर्टर ललित तिवारी को दिए अपने खास इंटरव्यू में उन्होंने संगठित अपराधों पर अंकुश लगाने के साथ—साथ राजस्थान पुलिस की कार्ययोजना से संबंधित कई जानकारियां शेयर की।
अपराध रजिस्ट्रेशन बढ़ा, लेकिन राहत भी मिली
निश्चित रूप से अपराध के मामले बढ़े हैं, लेकिन एफआईआर लिखवाने के लिए पीड़ित को अब परेशान नहीं होना पड़ रहा। साइबर ठगी को रोकना बड़ी चुनौती है, वर्तमान में अलवर, मेवात, भरतपुर का कामा व आसपास के कई क्षेत्र साइबर ठगों के बड़े गढ़ बन गए हैं। साइबर थानों में जो स्टाफ कार्यरत हैं, उन्हें तकनीक संबंधी ट्रेनिंग दी जा रही है। साथ ही फेयर इन्वेस्टिगेशन पर भी फोकस रहेगा।
महिला अपराधों को रोकने के लिए बनानी होगी रणनीति
महिला अपराधों को रोकने के लिए अलग से रणनीति बनानी होगी। महिला अपराध विभिन्न तरह के होते हैं। इनमें छेड़खानी, घरेलू हिंसा और जबरन शारीरिक संबंध के केसेस सामने आ रहे हैं। इसके लिए स्कूली स्तर से शुरूआत करनी होगी। स्कूलों के पास पुलिस की प्रजेंस रहे, ताकि मनचलों पर नकेल कस सके।
वीकली ऑफ के लिए चल रहा है पायलट प्रोजेक्ट
पुलिसकर्मियों को वीकली ऑफ देने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है और प्रायोगिक तौर पर पहले कुछ जगह पुलिसकर्मियों को वीकली ऑफ दिया जाएगा। साथ ही पे स्केल बढ़ाने को लेकर भी जो मांग की जा रही है, उस संबंध में सरकार से आग्रह किया जाएगा।
Updated on:
11 Nov 2022 03:47 pm
Published on:
11 Nov 2022 03:06 pm

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