
जयपुर। दीपावली का पर्व 7 नवम्बर को मनाया जाएगा। इस बार लोगों को खरीदारी के लिए dhanteras 2018 या Diwali 2018 का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। क्योंकि इस बार दीपावली से पूर्व आज से दीपावली तक हर दिन कोई ना कोई विशेष योग बन रहा है। ऐसा संयोग कई सालों बाद बन रहा है। इन 9 दिनों में अमृतसिद्धि, सर्वार्थसिद्घि, त्रिपुष्कर योग, कुमार व राजयोग, पुष्य नक्षत्र का अद्भुत संयोग है। शुभ संयोगों में पुष्य नक्षत्र, धनतेरस, रूप चौदस, दीपावली के दिनों पर बाजारों में विशेष खरीद और शुभ मांगलिक कार्य होंगे। इन शुभ मुहूर्तों में वाहन, खाता-रोकड़, आभूषण, वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक आइटम, मोबाइल, कंप्यूटर, फर्नीचर, व्यापार आरंभ, ग्रह प्रवेश, भूमि पूजन करना शुभ विशेष फलदायी रहेगा। इसके चलते आज से दीपावली तक बाजारों में खासी रौनक रहेगी। आज पंचमी में आद्रा नक्षत्र के साथ कुमार योग व रवि योग बन रहा है। जो मंगलवार दोपहर 1:08 बजे तक रहेगा। मंगलवार को कुमार योग व त्रिपुष्कर योग बन रहा है। जो खरीदारी के लिए खास रहेगा।
धनतेरस से पहले 31 को मिनी धनतेरस (Dhanteras 2018)
इस बार भी धन तेरस से पहले विशेष संयोग आने से बाजारों में धन बरसेगा। से दीपावली से पूर्व खरीदारी के इस बार कई शुभ संयोग बन रहे हैं। इसमें इस बार बुधवार को बुध पुष्य नक्षत्र के साथ राजयोग बन रहा है। खरीदारी का विशेष संयोग होने से इस दिन बाजारों में खूब धन बरसेगा। पुष्य नक्षत्र 31 अक्टूबर को अलसुबह शुरू हो जाएगा, जो देर रात तक रहेगा। इस दिन राजयोग सुबह से रात तक रहेगा। ज्योतिष के अनुसार इस योग में की गई खरीदारी चिरस्थायी रहती है। इनमें हीरे के आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक, ऑटोमोबाइल, जमीन, मकान, कपड़े व अन्य खरीददारी सामान आदि की खरीदारी करना शुभ माना जाता है।
पुष्य नक्षत्र नक्षत्रों का राजा
27 नक्षत्रों में सर्वश्रेष्ठ, 8वां स्थान प्राप्त पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा भी कहा जाता है ज्योतिषविद कहते हैं कि 27 नक्षत्रों में 8वां स्थान पुष्य नक्षत्र को प्राप्त है। इस दिन सप्तमी तिथि के साथ पुष्य नक्षत्र की युति हो रही है। बुधवार के दिन पुष्य नक्षत्र का पडऩा हर तरह की वस्तु खरीदने के लिए शुभ फलदायी साबित होगा। सोना, चांदी, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल व फर्नीचर समेत रसोई में इस्तेमाल की जाने वाली वस्तुएं खरीदने से परिवार में सुख-समृद्धि बढ़ेगी।
अहोई अष्टमी बुधवार को
अहोई अष्टमी का पर्व मां पर्वती के पुत्र गणेश के वार यानि बुधवार को विशेष योग में मनाया जाएगा। इस बार अष्टमी पूजा गुरु के पुष्य नक्षत्र व शुभ योग में होगी और चंद्रमा भी अपनी राशि कर्क में उपस्थित रहेंगे। करवाचौथ के बाद अहोई अष्टमी महत्वपूर्ण त्योहार है। अहोई अष्टमी बच्चों की खुशहाली, लंबी उम्र व संतान प्राप्ति के लिए किया जाता है। और रात में तारों को देखकर यह व्रत खोला जाता है।
ज्योतिषाचार्य राजकुमार चतुर्वेदी ने बताया कि दीपावली से पूर्व 31 अक्टूबर को बुध पुष्य नक्षत्र खरीदारी के लिए विशेष शुभ रहेगा। बुध पुष्य नक्षत्र तडक़े 3.51 बजे से शुरू होकर देर रात 2.34 बजे तक रहेगा। 10 साल बाद दीपावली से पूर्व बुधवार के दिन यह योग बन रहा है।
Published on:
29 Oct 2018 12:20 pm
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