जयपुर. जयपुर जिले के चार भाग होने से सभी 66 लाख लोगों का स्थायी पता बदल सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि आधार कार्ड से लेकर जनाधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी, पासपोर्ट सहित अन्य सभी दस्तावेज में बदलाव करवाना पड़ सकता है। कारण है जयपुर जिले के सभी 66 लाख लोगों के जिले में बदलाव हुआ है।
सभी दस्तावेज में जिला लिखा होता है, ऐसे में 66 लाख लोगों के स्थायी पते बदलेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार कई दस्तावेज राज्य सरकार के हैं तो कई केंद्र सरकार के। इनमें से कुछ दस्तावेज को बदलवाने के लिए चक्कर भी काटने पड़ सकते हैं।
इनमें हो सकता है बदलाव
आधार कार्ड: आधार कार्ड में अपडेशन आधार केंद्र के माध्यम से ही किया जा सकता है। लोगों को पता बदलवाने के लिए आधार केंद्र जाना पड़ेगा।
वोटर आईडी: इसी वर्ष विधानसभा चुनाव है। चुनाव में सबसे जरूरी दस्तावेज वोटर आईडी है। इतने कम समय में वोटर आईडी में बदलाव भी बड़ा टास्क होगा।
जनाधार कार्ड: जनाधार कार्ड परिवार का एक होता है और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के लिए जनाधार कार्ड जरूरी होता है। ऐसे में इसमें भी बदलाव संभावित है।
ड्राइविंग लाइसेंस: ड्राइविंग लाइसेंस में अपडेशन ऑनलाइन करवाया जा सकता है, लेकिन ऑनलाइन पोर्टल पर डेटा आधार कार्ड के पोर्टल से लिया जाता है। ऐसे में पहले आधार कार्ड में बदलाव करवाना होगा।
पासपोर्ट: पासपोर्ट में बदलाव आसान नहीं होगा। यह बदलाव किस प्रकार किया जाएगा, यह भी देखना होगा।
प्रकाश राजपुरोहित होंगे जयपुर के आखिरी कलक्टर!
जयपुर जिले के आखिरी कलक्टर प्रकाश राजपुरोहित रहेंगे। जयपुर जिले को चार भागों में विभाजित किया गया है। अब चारों जिलों में चार कलक्टर लगाए जाएंगे। ऐसे में प्रकाश राजपुरोहित ही अविभाजित जयपुर के आखिरी कलक्टर रहेंगे, बशर्ते विभाजन की प्रक्रिया पूरी होने तक उन्हें बदला नहीं जाए।
एक्सपर्ट व्यू
जयपुर के विभाजन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद लोगों के स्थायी पते में भी बदलाव होगा। जरूरी दस्तावेज में बदलाव भी करवाना होगा। हालांकि, यह सरकार का निर्णय है। ऐसे में लोगों को बदलाव करवाने के लिए मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। संभावित है कि जिला प्रशासन अपने स्तर पर ही इसकी पक्रिया पूरी करवाए।
-जगरूप सिंह यादव, पूर्व कलक्टर, जयपुर