कार्तिक मास में मंदिरों में भक्ति की बयार बह रही है। वहीं परकोटे के बाजारों में थीम के अनुसार सजावट का कार्य अंतिम दौर में है। राजस्थान के अलावा प.बंगाल से आए कारीगर इस बार की दीवाली थीम को खास बनाने में जुटे हैं।
जयपुर। कार्तिक मास में मंदिरों में भक्ति की बयार बह रही है। वहीं बाजार भी इससे अछूते नहीं है। यहां शहरवासियों को साक्षात देव दर्शन करने का मौका मिल रहा है। दरअसल, राजधानी जयपुर में दीपोत्सव पर्व की शुरुआत दस नवंबर से होगी, लेकिन बाजारों में सजावट व विशेष रोशनी नजर आने लगी है। शहरवासियों को परकोटे में समुद्र मंथन और देव दर्शन के नजारे देखने को मिल रहे हैं। चांदपोल बाजार व्यापार मंडल की ओर से समुद्र मंथन एवं देव दर्शन की झांकी छोटी चौपड़ स्वागत द्वार पर दिखेगी। व्यापार मंडल अध्यक्ष सुभाष गोयल और महामंत्री घनश्याम भूतड़ा ने बताया कि समुद्र मंथन स्वचलित होगा। बंगाल से आए लगभग 100 कारीगर इसे मूर्त रूप दे रहे हैं। गोयल ने बताया कि पहाड़ बनाने के साथ ही उसके समक्ष देवी-देवता नजर आएंगे। मंथन के दौरान मंदराचल पर्वत को मथानी और वासुकी नागा को रस्सी बनाया गया था।
कैंडल लाइट थीम होगी विशेष: दिवाली सजावट समिति संयोजक अचल जैन एवं चेतन अग्रवाल ने बताया कि चांदपोल बाजार को कैंडल लाइट थीम पर सजाया जा रहा है। बाजार में विभिन्न झांकियां के माध्यम से देवताओं के दर्शन करने को मिलेंगे। वहीं चौड़ा रास्ता में इस बार विभिन्न कलर बिखरे नजर आएंगे। बाजार में लाइटिंग से रंगाली नजर आएगी। वहीं लाइटिंग का कैप्शूल फव्वारा चलता नजर आएगा। व्यापार मंडल अध्यक्ष सोभागमल अग्रवाल ने बताया कि बाजार में दिवाली की सजावट का काम शुरू हो चुका है।