
चेन्नई. कावेरी विवाद पर राजनीतिक हमले तेज करते हुए राज्य के ऊर्जा संसाधन व विधि मंत्री आर. निर्मलकुमार ने रविवार को आरोप लगाया कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार अपने दल की बजाय डीएमके नेतृत्व से संकेत ले रहे हैं। उन्होंने विपक्ष पर राज्य की जल अधिकार स्थिति कमजोर करने का प्रयास करने का आरोप लगाया।एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में निर्मलकुमार ने डीएमके के इस आरोप को खारिज किया कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय कावेरी मुद्दे पर अलग-थलग पड़ गए हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष जानबूझकर ऐसा माहौल बना रहा है। मंत्री ने दावा किया कि “शिवकुमार कांग्रेस नेतृत्व की भी नहीं सुनते, वे केवल एम.के. स्टालिन की सुनते हैं।”
निर्मलकुमार ने कहा कि डीएमके द्वारा सुप्रीम कोर्ट में अलग याचिका दायर करने का फैसला कानूनी जटिलताएं पैदा कर सकता है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु सरकार सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय में अपनी याचिका दाखिल करेगी ताकि राज्य के जल अधिकार सुरक्षित रह सकें।
हॉर्स ट्रेडिंग का पैसा बेंगलूरु से आया
एआइएडीएमके को निशाना बनाते हुए उन्होंने सवाल किया कि विधानसभा प्रस्ताव का समर्थन करने के बावजूद पार्टी ने अदालत का रुख क्यों किया। उन्होंने गंभीर आरोप लगाया कि एआइएडीएमके कर्नाटक और भाजपा के हित में काम कर रही है। मंत्री ने यह भी दावा किया कि कथित हॉर्स-ट्रेडिंग मामले में जब्त धन का बड़ा हिस्सा बेंगलूरु से आया था, जो डीएमके और शिवकुमार के बीच संबंधों की ओर इशारा करता है।
Updated on:
03 Aug 2026 06:02 am
Published on:
03 Aug 2026 06:02 am
