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छुट्टी के दिन नहीं जाएं डिस्पेंसरी, ड्यूटी है मगर नहीं आते डॉ€टर, मरीज हो रहे परेशान

मरीज बोले- सरकार मुफ्त इलाज के नाम पर वाहवाही लूट रही, डिस्पेंसरियों में डॉक्टर ही नहीं   इसलिए ज्यादा जरूरत -इन दिनों डेंगू, चिकनगुनिया, स्क्रब टाइफस, निमोनिया, वायरल फीवर समेत अन्य मौसमी बीमारियां प्रकोप दिखा रही है। ऐसे में मरीज अपने आसपास की डिस्पेंसरी में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन छुट्टी के दिन चिकित्सक नहीं मिलते।

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जयपुर

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GAURAV JAIN

Aug 28, 2023

छुट्टी के दिन नहीं जाएं डिस्पेंसरी, ड्यूटी है मगर नहीं आते डॉ€टर, मरीज हो रहे परेशान

बगरू वालों का रास्ता स्थित डिस्पेंसरी

जयपुर. अगर आप रविवार या राजपत्रित अवकाश के दिन डिस्पेंसरी में इलाज के लिए जा रहे हैं तो जानकारी करके ही जाएं। वजह, अधिकांश डिस्पेंसरी में एक ही डॉक्टर हैं और छुट्टी के दिन वह नहीं मिलेेंगे। रविवार को राजस्थान पत्रिका संवाददाता ने शहर की तीन डिस्पेंसरी की पड़ताल की। जिसमें इस तरह की िस्थति मिली। गौरतलब है कि रविवार और राजपत्रित अवकाश के दिन डिस्पेंसरी में दो घंटे (सुबह 9 से 11 बजे तक) ओपीडी संचालित करने के राज्य सरकार ने आदेश जारी कर रखे हैं, लेकिन छुट्टी के दिन डिस्पेंसरी में उपचार नहीं मिल रहा है।

स्थान: मालवीय नगर, सेक्टर 3 स्थित डिस्पेंसरी

समय: सुबह 10.20 बजे

हाल: डिस्पेंसरी में चार-पांच मरीज डॉक्टर का इंतजार कर रहे थे। वहां पर नर्सिंग कर्मी, कम्प्यूटर ऑपरेटर बैठे हुए थे। उन्होंने बताया कि डॉक्टर रविवार को छुट्टी पर रहते हैंं इसलिए ज्यादा दिक्कत है तो कल आना।

स्थान: बगरू वालों का रास्ता स्थित

डिस्पेंसरी समय: 9.10 बजे

हाल: डॉक्टर की सीट खाली पड़ी थी। अंदर जाकर देखा तो, एक नर्सिंगकर्मी बैठा नजर आया। पूछताछ में उसने बताया कि आज कोई नहीं है। डॉक्टर कल आएंगे। ज्यादा परेशानी है तो पास के निजी अस्पताल में चले जाओ।

स्थान: गोविंद नगर, ब्रह्मपुरी स्थित डिस्पेंसरी

समय: सुबह 9.45 बजे

हाल: यहां भी डॉक्टर नहीं दिखे। पड़ताल में पता चला कि राजपत्रित अवकाश के अलावा अन्य दिनों में भी यहां चिकित्सक कभी-कभार ही आते हैं। मरीजों को नर्सिंग स्टाफ से दवा लेकर ही जाना पड़ता है।

केेस एक

बेटे को तेज बुखार है। उसे जगतपुरा स्थित डिस्पेंसरी लेकर गई थी लेकिन वहां डॉक्टर नहीं मिले। अब यहां मालवीय नगर स्थित डिस्पेंसरी में भी यही हाल है।

- नीतू, जगतपुरा

केस 2 -

बीमार मां को इलाज के लिए लाया था, दो बार पहले भी आ चुका हूं लेकिन डॉक्टर ही नहीं मिल रहे हैं। मजबूरन अब निजी अस्पताल में ही जाना पड़ रहा है।

- स्वप्निल त्रिपाठी. ब्रह्रापुरी

इनका कहना है

जिन डिस्पेंसरी में एक ही डॉक्टर है वहां रविवार को वे अवकाश पर रहते हैं। अगर कोई मरीज आता है तो पास के अस्पताल या उसको नर्सिंग स्टाफ देखेगा।

- डॉ विजय सिंह फौजदार, सीएमएचओ 1