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20 वर्षीय युवती के शरीर में इतना कम खून, जीवित देखकर चिकित्सक भी हैरत में

मेडिकल साइंस (Medical science) के मुताबिक एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में हीमोग्लोबीन (Hemoglobin) 12 से 17.4 ग्राम के बीच होना चाहिए, लेकिन जिले की एक युवती के शरीर में महज 1.2 ग्राम हीमोग्लोबीन पाया गया है, जिसे देखकर चिकित्सक (doctor) भी अंचभित हैं कि युवती जीवित कैसे (How does the girl survive) है।

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जयपुर

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vinod saini

Nov 13, 2019

20 वर्षीय युवती के शरीर में इतना कम खून, जीवित देखकर चिकित्सक भी हैरत में

20 वर्षीय युवती के शरीर में इतना कम खून, जीवित देखकर चिकित्सक भी हैरत में

युवती महात्मा गांधी चिकित्सालय में भर्ती, बेसुध अवस्था में पहुंची अस्पताल

बांसवाड़ा/जयपुर/ मेडिकल साइंस (medical l science) के मुताबिक एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में हीमोग्लोबीन (Hemoglobin) 12 से 17.4 ग्राम के बीच होना चाहिए, लेकिन जिले के महात्मा गांधी चिकित्सालय में उपचाररत एक युवती के शरीर में महज 1.2 ग्राम हीमोग्लोबीन पाया गया है, जिसे देखकर चिकित्सक (doctor) भी अंचभित हैं और उनके जेहन में यही सवाल कौंध रहा है कि युवती जीवित कैसे (How does the girl survive) है।
जिले की आनंदपुरी इलाके की बीस वर्षीय छात्रा रेखा धनपाल गरासिया ने बताया कि तीन दिन से रेखा को हल्का बुखार था और उठने-बैठने, चलने-फिरने तक में दिक्कत हो रही थी। बार-बार बेहोश भी हो रही थी, जिसके बाद उसे सोमवार शाम को अस्पताल लेकर पहुंचे। उसे रक्त चढ़ाया जा रहा है। होली के समय भी उसकी तबीयत खराब हुई थी। तब भी उसके शरीर में खून की कमी सामने आई थी।

1.2 ग्राम हीमोग्लोबीन पर जिंदा रहना हैरत भरा
चिकित्सकों के मुताबिक इस आदिवासी अंचल में रक्तल्पता की समस्या बहुत ज्यादा है। 4 से 5 ग्राम हीमोग्लोबीन के कई मामले समाने आते रहे हैं, लेकिन 1.2 ग्राम हीमोग्लोगीन का मामला दुर्लभ ही है और इसमें भी शरीर चलना हैरत भरा है।

इस कारण इतना कम हो सकता है हीमोग्लोबीन
महात्मा गांधी चिकित्सालय में माइक्रोबॉयलोजी विभाग के डॉ गौरव सराफ के मुताबिक इस प्रकार की समस्या सीकल सेल एनिमिया, आयरन डेफिसेंसी, थैलेसीमिया या एनिमिया ऑफ क्रोनिक डिजीज से हो सकती है, लेकिन जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि युवती में रक्ताल्पता की मुख्य वजह क्या है। युवती में 1.2 ग्राम हीमोग्लोबीन की स्थिति में उसे रक्त चढ़ाना ही समाधान है। हीमोग्लोबीन 5 से 6 ग्राम पहुंचने पर ही उसे अन्य उपचार दिया जा सकता है।

बढ़ जाती है संक्रमण की आशंका और हार्ट बीट
कनिष्ठ विशेषज्ञ ट्रान्सफ्यूजन मेडिसिन डॉ प्रवीण कुमार गुप्ता बताते हैं कि हीमोग्लोबीन टीश्यूज में ऑक्सीजन सप्लाई करने का कार्य करता है। यदि हीमोग्लोबीन कम होता है तो ऑक्सीजन सप्लाई सुचारु नहीं रह सकती। इस कारण हार्ट को अधिक पंप करना पड़ता है और शरीर में भी थकावट जल्दी होती हैं।

कम हीमोग्लोबीन से ये हो सकती हैं समस्याएं

- चलने-फिरने में थकावट
- चक्कर आना
- बेहोशी
- हार्ट बीट तेज होना
- रोग प्रतिरोधक क्षमता घटना