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…तो जयपुर में भी तैरेंगी डॉल्फिन

— बन गया है दुनिया का पहला एनिमेट्रोनिक डॉल्फिन रोबोट

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...तो जयपुर में भी तैरेंगी डॉल्फिन

...तो जयपुर में भी तैरेंगी डॉल्फिन

- रिमोट से होता है कंट्रोल, दस घंटे तक पानी में तैर सकता है

— दिखा सकता है करतब, निकालता है आवाजें


जयपुर। वो दिन दूर नहीं है जब जयपुर में भी आपको डॉल्फिन्स नजर आएं। जी हां, अब किसी भी ऐसे क्षेत्र में डॉल्फिन्स नजर आ सकती हैं, जहां समुद्र या बड़ी नदियां नहीं है। दरअसल, सैन फ्रांसिस्को की एक कंपनी के कारण ऐसा संभव है। ये तो हम सभी जानते हैं कि तकनीक ने आज क्या कुछ नहीं कर दिखाया है और एक बार फिर ऐसा ही कमाल कर दिया है सैन फ्रांसिस्को की एक कंपनी। इस कंपनी ने एनिमेट्रॉनिक डॉल्फिन रोबोट बनाया है, जो असली मछली की तरह नजर आता है। इसको रिमोट से कंट्रोल किया जाता है। इस डॉल्फिन को इस तरह से बनाया गया है कि देखने में यह असली सी ही नजर आती है। हालांकि इसकी कीमत 40 से 60 मिलियन डॉलर है। आप इस डॉल्फिन के साथ तैरने का आनंद भी ले सकते हैं। कंपनी का मानना है कि यह रोबोट डॉल्फिन उन देशों और राज्यों के लिए एक बेहतर विकल्प है जहां या तो डॉल्फिन्स नहीं है या जहां उनके व्यापार पर पाबंदी है। कंपनी का मानना है कि भारत और चीन सहित एशिया के कई देशों में आने वाले समय में इसकी मांग बढ़ेगी।

असली सा रूप देने के लिए किया सब

इस डॉल्फिन को एज इनोवेशंस की ओर से विकसित किया गया है। असली रूप देने के लिए इस डॉल्फिन का वजन लगभग 595 पाउंड रखा गया है। साथ ही मूत्राशय भी बनाया गया है। इसके दांतों को हल्का पीला रंग दिया गया है, जिससे यह असली लगें। इसमें एक बैटरी लगी है, जिसकी मदद से डॉल्फिन दस घंटे तक लगातार तैर सकती है। हालांकि यह रिमोट से कंट्रोल होती है। यह स्वायत्तता से काम नहीं सकती है।


रख—रखाव का नहीं है खर्च

कंपनी के ली वांग का मानना है कि इस डॉल्फिन रोबोट के रख-रखाव में कोई खर्चा नहीं है। वहीं असली डॉल्फिन पर प्रति माह मोटा खर्चा आता है। गौरतलब है कि चीन में सालान 74 बिलियन डॉलर का वन्यजीव व्यापार होता था। जिसपर अब प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिससे करीब 14 मिलियन लोगों के रोजगार पर असर पड़ा है।


फिलहाल चीन में बढ़ रही है मांग

चीन के एक एक्वेरियम में इसे सबसे पहले उपयोग में लिया जा रहा है। गौरतलब है कि चीन ने हाल ही में वन्यजीव व्यापार पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिसके बाद वहां इस एनिमेट्रॉनिक डॉल्फिन की मांग बढ़ रही है। यह डॉल्फिन सिर्फ तैरती ही नहीं है, बल्कि कई तरह के करतब भी दिखा सकती है साथ ही असली डॉल्फिन सी आवाज भी निकालती है।