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दान करना बड़ा पुण्य का काम, पत्रिका के अभियान से सभी को जुड़ने की जरूरत- राम सेवक

जयपुर. 'शास्त्रों में दान करने को बहुत बड़ा पुण्य बताया गया है, पत्रिका का यह अभियान कमजोर वर्ग के लिए जो कार्य कर रहा है, वह काफी सराहनीय है। सभी को इससे जुड़ने की जरूरत है' यह कहना जगद्गुरु रामानंदाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राम सेवक दुबे का, जिन्होंने गुरूवार को पत्रिका के 'हम साथ हैं' अभियान के तहत वि.वि. में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया।

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दान करना बड़ा पुण्य का काम, पत्रिका के अभियान से सभी को जुड़ने की जरूरत- राम सेवक

जयपुर. 'शास्त्रों में दान करने को बहुत बड़ा पुण्य बताया गया है, पत्रिका का यह अभियान कमजोर वर्ग के लिए जो कार्य कर रहा है, वह काफी सराहनीय है। सभी को इससे जुड़ने की जरूरत है' यह कहना जगद्गुरु रामानंदाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राम सेवक दुबे का, जिन्होंने गुरूवार को पत्रिका के 'हम साथ हैं' अभियान के तहत वि.वि. में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया।

इस दौरान वि.वि. के जरूरतमंद संविदा कर्मचारियों को कंबल वितरित किए गए। मित्राय बी ह्यूमन (इंडिया) फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में दर्शन विभाग के अध्यक्ष डॉ. कोसलेन्द्रदास ने संस्कृत के श्लोक सुनाकर बताया कि भारतीय इतिहास में प्राचीनकाल से ही दान देने और असहाय व्यक्तियों की सहायता करने की परंपरा रही है। फाउंडर योग गुरू विनीत शर्मा ने कहा कि हमारा संगठन पिछले ११ सालों से असहाय वर्ग की सेवा में लगा हुआ है। इस दौरान डॉ. विनोद कुमार शर्मा, डॉ. देवेंद्र कुमार, जगदीश नारायण विजय, योग गुरू रश्मि शर्मा और शक्ति सिंह समेत अन्य उपस्थित रहे।