
नई दिल्ली. सरकारी पाबंदियों और पुलिस की चेतावनी की अनदेखी कर तबलीगी जमात के निजामुद्दीन स्थित मरकज में हुए धार्मिक आयोजन पूरे देश के लिए संकट बन गया है। देश में पिछले 24 घंटों में पुष्ट हुए कोरोना के करीब 400 मामलों में 261 सीधे-सीधे मरकज में तबलीगी गतिविधयों में शामिल लोगों के हैं। अभी जमात में शामिल कई लोगों की जांच रिपोर्ट आना बाकी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी बुधवार को अपनी प्रेस ब्रीफिंग में तबलगी जमात के इस आयोजन को देश में कोरोना के मामलों बढऩे का एक प्रमुख कारण बताया।
इससे पहले 28-29 मार्च की रात मरकज और उसकी बंगालीवाली मस्जिद को खाली कराने के लिए केंद्र सरकार को काफी मशक्कत करनी पड़ी। रात एक बजे तक जब पुलिस, सुरक्षा एजेंसियों की मरकज प्रमुख मौलाना साद से बात नहीं बनी तो गृहमंत्री अमित शाह के निर्देश पर रात दो बजे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने मोर्चा संभाला और काफी मशक्कत के बाद मौलाना साद को मनाया। रात को ही मस्जिद खाली कराकर सैनिटाइज की गई। इसके बाद ही तबलीगी जमात सेंटर (मरकज) को खाली कराने की शुरुआत हो सकी। यूपी में देर रात तक पुलिस ने मजिस्दों में छापेमारी की है। दिल्ली पुलिस ने मरकज प्रमुख मौलाना साद समेत 7 के खिलाफ एफआइआर दर्ज की है।
पांच ट्रेनों के हजारों मुसाफिरों की तलाश रेलवे उन पांच ट्रेन के यात्रियों का पता लगाने में जुट गई है। इसमें मरकज में शामिल जमातियों ने दिल्ली से अपने-अपने ठिकानों की ओर यात्रा की थी। ट्रेनें 13 से 19 मार्च के बीच दिल्ली से रवाना हुई थीं। इनमें आंध्र प्रदेश वाली दुरंतो एक्सप्रेस, चेन्नई तक जाने वाली ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस, चेन्नई जानेवाली तमिलनाडु एक्सप्रेस, नई दिल्ली-रांची राजधानी एक्सप्रेस और आंध्र संपर्क क्रांति एक्सप्रेस शामिल हैं।
‘जमात ने की आतंकी साजिश’
यूपी शिया सेंंट्रल वक्फ बोर्ड चेयरमैन वसीम रिजवी ने कहा कि जमात ने भारत में बड़ी संया में कोरोना फैलाने के लिए यह आतंकी साजिश रची थी। आयोजनकर्ताओं को फांसी की भी उन्होंने मांग की।
तडक़े तक 2,361 को निकाला
निजामुद्दीन स्थित मरकज से पांच दिन तक चले ऑपरेशन में 2361 से अधिक लोगों के निकाला गया है। दिल्ली के उपमुयमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि 2361 लोगों में से 617 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया है, वहीं बाकी लोगों को क्वारंटाइन किया है। रविवार सुबह से शुरू हुआ ऑपरेशन बुधवार तडक़े 3.30 बजे खत्म हुआ। अब वहां कोई नहीं बचा है। जब पुलिस इन्हें निकालने पहुंची तो कई लोग बाथरूम में छिपे मिले। मरकज वाले पुलिस को सही जानकारी नहीं दे रहे थे, कि इस आयोजन में कितने लोग शामिल थे। सरकार का अनुमान था कि अंदर 1500 लोग हो सकते है, लेकिन वहां से 2361 लोग मिले हैं। इन्हें नरेला , सुल्तानपुरी, बुराड़ी और बवाना में रखा गया है।
मौलाना साद का ऑडियो वायरल
मौलाना साद का एक ऑडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे कह रहे हैं ‘अल्लाह पर यकीन न रखने वालों की चाल और स्कीमें मुसलमानों को बीमारी से बचाने के बहाने से मुसलमानों को रोकने के लिए आ गई हैं। यह जमात के खिलाफ साजिश है। ये बीमारी बदल जाएगी, लेकिन तुहारे माशरे के आदाब, तुहारे साथ बैठना, एक प्लेट में खाना, इसका असर मुद्दतों के आसारे कभी खत्म ना हो। ये तो मुसलमानों के दरमियां शक पैदा करने की कोशिश है।
Updated on:
2 Apr 2020, 1:47 AM IST
Published on:
2 Apr 2020, 1:47 AM IST
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