
ashok gehlot
जयपुर। रीट पेपर लीक मामले को लेकर विपक्ष के निशाने पर आई गहलोत सरकार ने इस मामले में अब कार्रवाई करना शुरू कर दिया है। जांच एजेंसी एसओजी की ओर से पेपर लीक मामले का पर्दाफाश करने के बाद मुख्यमंत्री गहलोत ने देर रात एक हाई लेवल बैठक करके माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डीपी जारोली को पद से बर्खास्त कर दिया है। साथ ही पेपर लीक प्रकरण में लिप्त कर्मचारियों को भी सस्पेंड कर दिया है और अगर जांच में यह कर्मचारी दोषी पाए जाते हैं तो इन्हें नौकरी से बर्खास्त किया जाएगा।
हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज करेंगे मामले की जांच
इधर देर रात हुई हाई लेवल कमेटी की बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में गठित कमेटी से कराने का फैसला लिया है। यह कमेटी भविष्य में होने वाली परीक्षा में गड़बड़ी रोकने की दिशा में भी काम करेगी।
ये शामिल हुए हाई लेवल कमेटी की बैठक में
देर रात हुई हाई लेवल कमेटी की बैठक में शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला, शिक्षा विभाग के एसीएस पीके गोयल, गृह विभाग के एसीएस अभय कुमार, डीजीपी एम एल लाठर और एसओजी के चीफ अशोक राठौड़ भी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि रीट परीक्षा 2021 पेपर में मामले को लेकर शुरू से सवाल खड़े हो रहे थे सरकार ने इस मामले की जांच का जिम्मा एसओजी को सौंपा था इस पर एसओजी ने इस पूरे मामले का पर्दाफाश करते हुए कहा था कि पेपर शिक्षा संकुल से चोरी हुआ था और एक करोड़ 22 लाख में बिका था एसओजी के खुलासे के बाद भाजपा सांसद किरोड़ी मीणा सरकार को गिरते हुए माधव शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन जारोली को बर्खास्त करने की मांग की थी।
विधानसभा सत्र में होगा हंगामा इधर प्रदेश में बढ़ते अपराधों और पेपर लीक प्रकरण को लेकर विपक्ष 9 फरवरी से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में सरकार को घेरने की तैयारी में है और इसके लिए अभी से ही रणनीति बनाना शुरू कर दिया है।
Updated on:
29 Jan 2022 10:57 am
Published on:
29 Jan 2022 10:54 am
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