कला व संस्कृति मंत्री डॉ. बीडी कल्ला का कहना है कि प्रजातंत्र लोकतंत्र में बोलने की आजादी है जो भी लोग बोलते हैं उसके बारे में कमेंट भी कर दिए जाते हैं लेकिन बोलने की स्वतंत्रता का अधिकार है । जिसकी सभी को रक्षा करनी चाहिए। रविवार को जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में उन्होंने कहा कन्हैया लाल सेठिया अवॉर्ड समारोह के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि एक तरफ तो सांस्कृतिक एकता की बात करते हैं, वसुदेव कुटुंबकम की बात करते हैं, तो ऐसे में मुगल टेंट को लेकर विवाद खड़ा नहीं करना चाहिए, यहां महाराणा प्रताप, मीरा ,पन्नाधाय, वीर दुर्गादास और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों का नाम लिया जा रहा है। जहां लेखक सभी जातियों और धर्म की बात कर रहे हैं वहां किसी भी नाम को लेकर विवाद नहीं करना चाहिए। विपक्ष को उनकी सोच मुबारक।
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युवाओं की पहली पसंद बना लिट फेस्ट
उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल एक आकर्षण का केंद्र बन गया है । यहां इंटरनेशनल लेवल के साहित्यकार लेखक कवि और संस्कृति से जुड़े लोग आते हैं अपनी बात रखते हैं। जेएलएफ युवाओं की पहली पसंद बनता जा रहा है । खास कर 20 से 45 आयु वर्ग के लोग यहां ज्यादा नजर आते हैं। इसके अलावा इस फेस्टिवल की खासियत है कि यहां सारे काम समयबद्ध होता है , कन्हैया लाल सेठिया पुरस्कार 8 वर्ष से दिया जा रहा है । पिछली बार यह पुरस्कार एक मराठी का भी को मिला था और इस बार यह पुरस्कार मलयालम कवि सच्चिदानंद को मिला है । ऐसे कई इवेंट नियमित रूप से हो रहे हैं, जिसे देखने के लिए दूरदराज से लोग यहां पहुंचते हैं । उन्होंने कहा कि संगीत साहित्य और कला के बिना व्यक्ति बिना सिंह और और वाले पशु के समान होता है लेकिन यहां पहुंचने वाले लोग इस श्रेणी में नहीं आता।