जयपुर

शाबाश मीरा, अगर तुम नहीं होती तो अनु ने तो मरवा ही डाला था, मीरा के साहस की हर जगह तारीफ

डॉ. मो. इकबाल भारती को घर पर बंधक बनाकर की लूट की वारदात, एक वर्ष पहले डॉक्टर के घर पर काम कर चुकी नेपाली नौकरानी व उसके तीन साथियों ने की 15 मिनट में वारदात, पांच दिन पहले आई मीरा ने बचाई जान

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शाबाश मीरा, अगर तुम नहीं होती तो अनु ने तो मरवा ही डाला था, मीरा के साहस की हर जगह तारीफ

जयपुर। एक परिवार जिसकी दो नौकरानियां। एक ने कई वर्ष काम कर के चली गई। फिर एक साल बाद वापस आई और मालिक पर कर दिया जानलेवा हमला। वहीं मात्र पांच दिन पहले आई नौकरानी ने अपनी समझ का परिचय देते हुए अपने मालिक की जान बचा ली। जिसके चलते शहर में उसकी तारीफ हो रही है। वहीं पुरानी नौकरानी को पुलिस ढूंढ़ रही है। ऐसा ही वाकया जयपुर के वैशाली नगर में सोमवार को घटित हुआ।

शहर की वैशाली नगर की पॉश कॉलोनी हनुमान नगर विस्तार में डॉ. मो. इकबाल भारती के घर एक वर्ष पहले काम करने वाली नेपाली नौकरानी अनु दोपहर 2 बजे पहुंची। भूतल पर डॉ. भारती अपने ऑफिस में बैठे थे। परिचित होने पर अनु के लिए दरवाजा खोल दिया। तभी पीछे से अनु के तीन साथी भी घुस गए और डॉ. भारती को बंधक बनाने का प्रयास किया। विरोध करने पर लुटेरों ने डॉ. भारती का गला दबा दिया। डंडे से सिर फोड़ दिया और मारपीट की। उनके गुप्तांग भी दबा दिए। बेहोशी की हालत में घसीटकर बाथरूम में बंद दिया। घर से कीमती सामान समेटने के बाद लुटेरे 15 मिनट बाद दोपहर 2.15 बजे घर से भाग गए। अनु कई वर्ष पहले भी डॉ. भारती परिवार के घर काम कर चुकी थी।

लुटेरों से भिड़ गई मीरा

वहीं इसी दौरान डॉ. भारती के घर मध्यप्रदेश के ग्वालियर निवासी नौकरानी मीरा पांच दिन पहले काम पर लगी है। मीरा वारदात के समय पहली मंजिल पर रसोई में आटा लगा रही थी। खटपट की आवाज पर रसोई से बाहर आई तो उसका सामना अनु से हुआ। मीरा को देख अनु भागने लगी तो वह उस पर झपटी, लेकिन उसके साथियों ने उसे धक्का मार कर गिरा दिया और भाग गए। मीरा कुछ और करती इससे पहले डॉक्टर भारती की आवाज ने उसे रोक दिया। मीरा ने तत्काल बाथरूम का गेट खोलकर डॉक्टर भारती को निकाला। पीड़ित की पत्नी डॉक्टर नसरीन भारती और पास—पड़ोस में सूचना दी। जिससे उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।

अनु को पता था इस कमरे में रखे हैं जेवर

एडिशनल डीसीपी रामसिंह शेखावत ने बताया कि लुटेरे अपने साथ एक नकब और दो बड़े पेचकस भी लाए थे। अनु को पता था कि पहली मंजिल पर डॉ. भारती के इस कमरे की अलमारियों में जेवर व कीमती सामान रखा है। लुटेरों ने चाबी से उसी कमरे व अलमारियों को चाबी से खोला। डॉ. भारती के हॉस्पिटल में भर्ती होने के कारण लूटे गए जेवर, रुपए अन्य कीमती सामान पता नहीं चल सका।

Published on:
19 Sept 2022 09:39 pm
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