
drone helicopter
देश में पहली बार ऐसा ड्रोन बनाया गया है, जिसकी सवारी इंसान कर सकता है। बीच रास्ते तकनीकी खामी की दशा में इसमें सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। ड्रोन खराब पड़ने पर सवार व्यक्ति पैराशूट के जरिए जमीन पर सुरक्षित लैंडिंग कर सकता है।
सागर डिफेंस इंजीनियरिंग ने वरुण नामक ड्रोन भारतीय सेना के लिए बनाया है। 190 किलो वजनी व 16 रोटर वाला यह ड्रोन चार साल में तैयार हुआ। इसके कई परीक्षण हो चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे देख चुके हैं। ड्रोन वरुण 190 किलो वजन के साथ उड़ान भर सकता है। भार वहन क्षमता के मामले में यह देश का सबसे ताकतवर ड्रोन है।
कंपनी के सह-संस्थापक मृदुल बब्बर ने बताया कि वरुण जल्दी ही सेना की सेवा में शामिल होगा। दुर्गम सीमाई इलाकों में यह बहुत उपयोगी है। मेडिकल इमर्जेंसी के समय इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। आपदा के समय राहत सामग्री, दवाएं आसानी से पहुंचाई जा सकती हैं। डिलीवरी सेवा में लगे ड्रोन चार-छह किलो सामान ही पहुंचा सकता है। वरुण एक बार में 30-35 दूरी तय कर सकता है।
सुरक्षा के ठोस इंतजाम
सागर डिफेंस इंजीनियरिंग के सह-संस्थापक मृदुल बब्बर ने कहा कि इसमें सुरक्षा के ठोस इंतजाम हैं। उड़ान के दौरान तकनीकी खामी से सभी विंग्स बंद पड़ते हैं, तो भी सवार व्यक्ति सुरक्षित जमीन पर उतर सकता है। इसमें एक पैराशूट लगा है। विंग्स के बंद पड़ने पर ड्रोन नीचे गिरने लगेगा। पैराशूट हवा के प्रेशर के हिसाब से खुलेगा।चिकित्सा जगत के लिए यह ड्रोन बेहद ही क्रांतिकारी साबित हो सकता है। इसके अलावा दुर्गम इलाको में राहत पहुंचाने, कठिन स्थितियों में किसी व्यक्ति को बाहर लाने सहित तमाम ऐसे कारक है जिसमें इसका बहुत ही सर्वोत्तम प्रयोग किया जा सकता है।
Published on:
04 Sept 2022 07:16 pm
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