
Jaipur News : औषधि नियंत्रण संगठन के जांच दलों ने सोमवार को राजधानी जयपुर में दो स्थानों पर दबिश देकर बिना लाइसेंस दवा भंडारण और व्यवसाय का खुलासा किया है। दोनों जगह से टीमों ने 11 लाख रुपए से अधिक की दवाइयां जब्त की हैं। देर रात तक टीमें जांच में जुटी हुई थीं। राज्य सरकार की ओर से नशीली दवाइयों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान औषधि नियंत्रण अधिकारी जयपुर को अग्रवाल फार्म इलाके में डॉ.राकेश कंसल के क्लीनिक में एनडीपीएस घटक युक्त, अनुसूची एच एवं एचवन दवाइयों का बिना लाइसेंस भंडार मिला।
एनडीबीएस घटक युक्त दवाइयों में ब्यूप्रेनोर्फिन, क्लोनाजेपम, क्लोनाजम, एटिजोलम और अल्प्राजोलम, लोर्जीपॉम, ज़ोल्पीडेम दवाइयां जब्त की गई हैं। औषधि नियंत्रण द्वितीय राजाराम शर्मा ने बताया कि इन दवाओं के कारोबारी पर आगे कार्रवाई व जांच के लिए मौके पर एनसीबी टीम जयपुर को बुलाया गया। इन दवाओं का बाजार मूल्य करीब 5 लाख रुपए है। इस परिसर में करीब 6 लाख रुपए कीमत की अन्य एलोपैथिक दवाइयां भी मिली हैं।
औषधि नियंत्रक के अनुसार भारत सरकार की एक अधिसूचना के अनुसार ब्यूप्रेनोर्फिन का उपयोग नशा मुक्ति के मरीजों के लिए किया जा सकता है, लेकिन यहां इस दवा का भी अवैध भंडारण और व्यवसाय किया जा रहा था। इसी तरह टोंक रोड पर मिलाप नगर के प्लाट नंबर 6ए की दुकान नंबर 3 में संचालित मेडिकल स्टोर गणपति फार्मेसी पर भी अनसूची एच और एच वन के तहत आने वाली 17500 रुपए बाजार मूल्य की एलोपैथिक दवाओं का भंडार बिना लाइसेंस मिला है। यहां भी जांच व जब्ती की कार्रवाई की जा रही है।
Published on:
12 Mar 2024 10:05 am
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