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मुसीबत : 14 साल से संचालित सिंगल विंडो सिस्टम बंद, बाहर ई-मित्रों पर देना पड़ रहा मनमाना शुल्क

कलक्ट्रेट में बंद हुआ सिंगल विंडो सिस्टम। बाहर ई-मित्रों पर देना पड़ रहा मनमाना शुल्क। एकल विंडो सिस्टम में संचालित किया जाता था ई-मित्र, तय दरों में होते थे जनता के काम। एक साल पहले टेंडर खत्म हुआ तो फिर शुरू नहीं की व्यवस्था, उप रजिस्ट्रार ऑफिस किया शिफ्ट।

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जयपुर। कलक्ट्रेट में करीब 14 साल से संचालित सिंगल विंडो सिस्टम बंद हो गया है। सिंगल विंडो सिस्टम परिसर में अब सब रजिस्ट्रार ऑफिस को शिफ्ट किया गया है। सिंगल विंडो सिस्टम बंद होने से कलक्ट्रेट अपने काम के लिए आने वाले लोगों को मजबूरन बाहर ई-मित्रों पर जाकर मूल निवास, जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड सहित अन्य सेवाएं लेनी पड़ रही हैं। इसका असर यह हुआ है कि लोगों की जेब ढीली हो रही है।

कलक्ट्रेट में सिंगल विंडो पर संचालित ई-मित्र पर तय दरों में ही आवेदन किया जाता था। लेकिन अब मजबूरन लोगों को बाहरी ई-मित्रों पर मनमाना शुल्क देना पड़ रहा है। दरअसल, मार्च 2023 में सिंगल विंडो पर संचालित ई-मित्र का टेंडर खत्म हो गया। इसके बाद जिला प्रशासन ने टेंडर नहीं किया। प्रशासन का तर्क है कि कलक्ट्रेट में होने वाले काम ऑनलाइन मोड पर हैं, ऐसे में लोग बाहर से ही ई मित्र पर जाकर आवेदन कर सकते हैैं।

प्रशासन का तर्क : तब ऑफलाइन होता था काम

जिला कलक्ट्रेट में साल 2011 में सिंगल विंडो सिस्टम की शुरुआत की गई। तब कलक्ट्रेट में राशन कार्ड, मूल निवास, जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य काम ऑफ लाइन हुआ करते थे। ऐसे में सिंगल विंडो पर मौजूद कार्मिक एक ही जगह पर लोगों से आवेदन लेते और विभिन्न शाखाओं में भेज दिया करते थे। इससे लोगों को इधर-उधर नहीं भटकना पड़ता था। बाद में कलक्ट्रेट के काम ऑनलाइन हुए तो सिंगल विंडो सिस्टम को जारी रखते हुए जिला प्रशासन ने यहां लोगों की सुुविधा को देखते हुए ई-मित्र की सेवाएं दी। जिला कलक्ट्रेट में पिछले ही दिनों एसआर ऑफिस में आग लग गई। एसआर ऑफिस में अब मेंटीनेंस का काम चल रहा है। इसको देखते हुए उप रजिस्ट्रार ऑफिस द्वितीय को सिंगल विंडो सिस्टम की जगह शिफ्ट कर दिया गया है। यहां सिंगल विंडो पर काम कराने के लिए आने वाले लोग भटकते हैं।

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