
E Mitra से बना फर्जी जाति प्रमाण पत्र, नामांकन खारिज, अभ्यार्थी का टूटा पार्षद बनने का सपना
सुरेंद्र बगवाड़ा , जयपुर
नगर निगम पार्षद के लिए जनता अपने वोट से फैसला करेगी कि कौन जीतेगा और कौन हारेगा। लेकिन इस जीत—हार से पहले ही एक अभ्यार्थी को ई—मित्र के जरिए बने फर्जी जाति प्रमाण पत्र ने मैदान से बाहर सा कर दिया है। मामला, नगर निगम ( Nagar nigam jaipur ) हैरिटेज के वार्ड 48 का है। यहां से अभ्यार्थी अश्विनी सैनी ने सिविल लाइंस ( Civil Lines ) जोन कार्यालय में नामांकन जमा कराया, लेकिन मंगलवार को संवीक्षा में नामांकन में फर्जी दस्तावेज संलग्न बताकर निरस्त कर दिया गया। अभ्यार्थी को रिटर्निंग अधिकारी ने बताया कि ओबीसी जाति प्रमाण पत्र ( Cast Certificate ) पर डिजिटल हस्ताक्षर संबंधित क्षेत्रीय उपखंड अधिकारी ( SDM ) के होते है। लेकिन इस जाति प्रमाण पत्र में एसडीओ के हस्ताक्षर नहीं होकर किसी सुमन मीणा के हस्ताक्षर है।
अभ्यार्थी ने कहा—मुझे क्या पता?
नामांकन खारिज होने के बाद निराश अभ्यार्थी सैनी ने आरओ से नामांकन खारिज नहीं करने की मांग भी की। लेकिन नियमों का हवाला देकर फिलहाल आरओ ने मना कर दिया है। इसके बाद अभ्यार्थी ने जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में मांग रखी। अभ्यार्थी ने बताया कि हस्ताक्षर पर ध्यान नहीं दे पाया। मेरी जानकारी के अनुसार, एक और व्यक्ति के साथ भी ऐसा ही मामला हुआ है।
4000 रुपए में जाति प्रमाण पत्र!
अभ्यार्थी सैनी ने बताया कि मोती डूंगरी स्थित ई—मित्र दुकान ( E mitra Kiosks ) से बनवा था। सैनी ने कहा कि इसके लिए नकद 4000 भी दिए। यह फर्जी है या सही, इसकी जांच कराएंगे। अभ्यार्थी ने इस मामले को लेकर मोती डूंगरी पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने गए।
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'सुमन मीणा के नाम से डिजिटल हस्ताक्षर किए गए है। यह कम्प्यूटर की कलाकारी हुई है। मेरे पास लिखित में कोई सूचना नहीं आई। आती है तो एफआईआर दर्ज कराएंगे।— युगांतर शर्मा, एसडीएम जयपुर प्रथम
'प्रमाण पत्र गलत बना हुआ। व्यक्ति विशेष एफआईआर दर्ज कराएं। हम भी जांच कर लेते है। '— आर.के. शर्मा, एडी, डीओआईटीसी
Updated on:
21 Oct 2020 05:44 pm
Published on:
21 Oct 2020 05:28 pm
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