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अचल संपत्तियों का ब्यौरा नहीं देने वाले कर्मचारियों को एक और मौका, अब 30 सितंबर तक देनी होगी जानकारी

-पहले 31 अगस्त तक देना था अचल संपत्ति का विवरण,कार्मिक विभाग ने जारी किया आदेश, 8 लाख कर्मचारी-अधिकारी आएंगे इसके दायरे में

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जयपुर। अपनी अचल संपत्तियों का विवरण 31 अगस्त तक अनिवार्य रूप से राज काज सॉफ्टवेयर पर अपलोड नहीं करने वाले राज्य कर्मचारियों को गहलोत सरकार ने एक और मौका दिया है। अचल संपत्तियों का ब्यौरा देने के लिए सरकार ने 30 सितंबर तक तारीख बढ़ा दी है जिससे कि अचल संपत्तियों का ब्यौरा देने से वंचित रह कर्मचारी भी अपना ब्यौरा 'एसएसओ आईडी राज काज' सॉफ्टवेयर पर अपलोड कर सकें।

इस संबंध बुधवार को कार्मिक विभाग ने आदेश जारी किए हैं। वहीं जिन कर्मचारियों की ओर से 31 अगस्त तक अचल संपत्तियों का ब्यौरा अपलोड करते समय गलत प्रविष्ठियां अंकित हो गई थी उन कर्मचारियों को भी इसी अवधि में राजकाज ऑनलाइन सॉफ्टवेयर पर संशोधित अचल संपत्तियों का ब्यौरा अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।

8 लाख कर्मचारियों को देना है अचल संपत्ति का विवरण
दपअसल राज्य की गहलोत सरकार ने पारदर्शिता लाने के लिए 30 जून को प्रदेश के 8 लाख कर्मचारियों को 31 अगस्त तक राज का सॉफ्टवेयर पर ऑनलाइन अचल संपत्ति का ब्यौरा पेश करने के निर्देश दिए थे। साथ ही हिदायत भी दी थी कि अचल संपत्ति का विवरण नहीं देने वाले कार्मिकों का वार्षिक इंक्रीमेंट और प्रमोशन प्रभावित हो सकता है।

कर्मचारियों को 1 जनवरी 2021 की स्थिति में अपनी अचल संपत्ति का ब्यौरा पेश करना था। यह आदेश सरकार के सभी नियंत्रित बोर्ड, निगम, स्वायत्तशासी संस्थाओं, राजकीय उपक्रमों पर पर भी लागू हुए थे।

पहले राजपत्रित अधिकारी ही देते अचल संपत्ति का विवरण
इससे पहले पूर्ववर्ती वसुंधरा सरकार में केवल राजपत्रित अधिकारियों को ही अपनी अचल संपत्ति का ब्यौरा देना होता था लेकिन राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद गहलोत सरकार ने सभी राज्य कर्मचारियों को अचल संपत्ति का विवरण देने के दायरे में ला दिया। इसके पीछे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सोच है कि इससे शासन में शुचिता और पारदर्शिता बनी रहेगी।

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