
जयपुर।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जब भी राजस्थान दौरा होता है तब ईआरसीपी मुद्दे की चर्चा होती है। दरअसल, पूर्वी राजस्थान के करीब 13 ज़िलों की जीवनदायनी योजना ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित किए जाने को लेकर केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की गहलोत सरकार के बीच गतिरोध बना हुआ है। इस मुद्दे पर केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच कई बार एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाज़ी भी हो चुकी है।
इस बीच ये मुद्दा एक बार फिर प्रधानमंत्री के राजस्थान दौरे के साथ उठा। प्रधानमंत्री की सोमवार को जयपुर में हुई जनसभा के दौरान भी इस मुद्दे को लेकर जमकर हंगामा हुआ। पीएम मोदी के भाषण के दौरान मुख्य पांडाल के दूसरे ब्लॉक में बैठे चार-पांच युवक कुर्सी पर खड़े हो गए।
उन्होंने ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने की मांग करते हुए झंडा लहराया। यह देख पुलिसकर्मियों के हाथ-पैर फूल गए। पुलिसकर्मी वहां पहुंचते उससे पहले ही कार्यकर्ता और लोगों ने उन्हें पकड़ा। इस बीच एक-दो ने थप्पड़ भी जड़ दिए। पुलिसकर्मियों ने उन्हें डोम से बाहर धकेल दिया।
सीएम गहलोत ने भी दिखाई थी नाराज़गी
ईआरसीपी मुद्दे को लेकर बीते दिनों सीएम गहलोत ने एक बार अपनी नाराज़गी दर्ज करवाई थी। जोधपुर दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री ने जयपुर में ही वादा किया था कि वे ईआरसीपी को सकारात्मक रूप से देखेंगे, लेकिन दुख होता है कि उन्होंने वादा करके भी ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित नहीं किया। राजस्थान ने 25 सांसद जिताकर दिए, क्या एक परियोजना को भी राष्ट्रीय परियोजना घोषित नहीं कर सकते? मंत्री जोधपुर से सांसद हैं। इतने नकारा और निकम्मा कि एक परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित नहीं करवा सके।
Published on:
26 Sept 2023 02:45 pm
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