राहगीरों को हादसे से बचाने के लिए बनाए फुट ओवरब्रिज का उपयोग केवल कमाई तक सीमित रह गया है। टोंक रोड की व्यस्त सड़क हिस्से में नारायण सिंह सर्कल और टोंक फाटक हिस्से में एस्केलेटर युक्त फुट ओवरब्रिज बनाए गए, लेकिन दोनों ही जगह एस्केलेटर का ज्यादातर हिस्सा बंद है। इससे राहगीरों को या तो एस्केलेटर पर चढ़कर जाना पड़ता है
राहगीरों को हादसे से बचाने के लिए बनाए फुट ओवरब्रिज का उपयोग केवल कमाई तक सीमित रह गया है। टोंक रोड की व्यस्त सड़क हिस्से में नारायण सिंह सर्कल और टोंक फाटक हिस्से में एस्केलेटर युक्त फुट ओवरब्रिज बनाए गए, लेकिन दोनों ही जगह एस्केलेटर का ज्यादातर हिस्सा बंद है। इससे राहगीरों को या तो एस्केलेटर पर चढ़कर जाना पड़ता है या फिर वाहनों के बीच सड़क हिस्से से गुजरना पड़ रहा है। बुजुर्गों और असहायों के लिए तो बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। अनुबंधित फर्म एन.एस. पब्लिसिटी कंपनी के खिलाफ एक्शन लेने की बजाय नगर निगम ग्रेटर प्रबंधन एक साल और अनुबंध बढ़ा रहा है। इससे राजस्व अधिकारी से लेकर आयुक्त तक की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। पत्रिका संवाददाता ने मौका स्थिति देखी तो हकीकत सामने आई।
बिजली बिल बचाने के लिए यह करतूत
एस्केलेटर संचालन में विद्युत खपत बहुत ज्यादा होती है। इसे बचाने के लिए फर्म एन.एस. पब्लिसिटी एस्केलेटर का संचालन ही बंद कर देती है। जब हल्ला होता है तो उस दिन फिर से दिखावटी संचालन शुरू कर दिया जाता है। खुद राहगीरों ने कई बार निगम प्रशासन को इसकी जानकारी दी है।
यहां सड़क के दोनों छोर से फुट ओवरब्रिज पर चढ़ने-उतरने की सुविधा है, लेकिन एस्केलेटर एक तरफ ही संचालित मिला। दूसरी तरफ एक्सेलेटर बंद कर दिया गया, जिससे चढ़ने वाले राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बुजुर्ग फुट ओवरब्रिज के प्लेटफॉर्म पर पहुंच तो गए लेकिन एस्केलेटर बंद मिला। मजबूरन घुटनों को पकड़ चढ़ना पड़ा। एस्केलेटर में आवाज आती रही।
तीन में से 2 जगह बंदयहां तीन जगह से प्रवेश-निकास द्वार हैं, लेकिन दो जगह तो एस्केलेटर कई बार बंद होता रहा। रामबाग से नारायण सिंह सर्कल की तरफ वाले फुट ओवरब्रिज वाले हिस्से में एस्केलेटर संचालित मिला तो सही लेकिन इसके लिए भी गार्ड को मशक्कत करनी पड़ी। बीच-बीच में अटकता रहा। जबकि, बस स्टैंड की तरफ दोनों छोर के एस्केलेटर में से एक बंद मिला। दूसरी तरफ के एस्केलेटर पर धूल-मिट्टी, गंदगी जमा थी।
अजमेरी गेट से सांगानेर फ्लाईओवर तक के रूट पर सफाई व सौन्दर्यन की जिम्मेदारी के लिए करार है। यहां फुट ओवरब्रिज, बस शैल्टर्स, गैन्ट्रीज, सुलभ शौचालय का जिम्मा एन.एस. पब्लिकसिटी के पास है। सभी प्राइम लोकेशन पर है। कंपनी इन जगह विज्ञापन के जरिए कमाई कर रही है।