
Vending Zones: जयपुर शहर में वेंडिंग जोन विकसित करने के लिए केंद्र सरकार सीधे निकायों को पैसा देगी। इसके लिए हर वर्ष 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसकी गाइडलाइन फाइनल हो चुकी है। जल्द ही पैसे का भुगतान शुरू होगा। यह बात मंगलवार को नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया (नास्वी) के समन्वयक अरबिंद सिंह ने अजमेर रोड स्थित गीता आश्रम में वेंडर्स की मीटिंग में कही।
पीएम स्वनिधि योजना को लेकर उन्होंने कहा कि दिल्ली में इस योजना के तहत जिन वेंडर्स ने लोन लिया था, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सरकार ने आवास दिए हैं। स्वायत्त शासन विभाग के परियोजना निदेशक लड्डूलाल पहाड़िया ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। हैरिटेज थड़ी ठेला यूनियन के अध्यक्ष बनवारी लाल शर्मा ने दोनों निगम की सतर्कता शाखा पर आरोप लगाते हुए कहा कि कई पुलिसकर्मी दो वर्ष से अधिक होने के बाद भी काम कर रहे हैं। ये लोग ठेले वालों को परेशान करते हैं।
इस बैठक में जयपुर सहित राज्य के अन्य शहरों के स्ट्रीट वेंडर्स प्रतिनिधि शामिल हुए थे।
-सड़क पर ग्रीन लाइन खींची जाए। उससे बाहर वेंडर्स नहीं आएंगे। इससे यातायात भी बाधित नहीं होगा।
-हर थड़ी वाले से सालाना शुल्क लिया जाए। इससे निगम को 15 से 16 करोड़ रुपए का राजस्व भी मिलेगा।
-थड़ी-ठेला माफिया पर रोक लगे। एक माफिया 10 से 20 थड़ियां लगवाकर किराया वसूल रहा है। ये लोग गंदगी भी रखते हैं।
-सड़क विक्रेताओं के उत्पीड़न का विरोध किया जाएगा। जल्द ही सरकार में सक्षम स्तर पर मुलाकात कर यथास्थिति से अगवत कराएंगे।
-टाउन वेंडिंग कमेटी (टीवीसी) की नियमित रूप से बैठक हो तो समस्याओं का निस्तारण समय रहते हो पाएगा।
Published on:
12 Feb 2025 09:19 am

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