
एक्सक्लूसिव...राजस्थान में चुनाव स्थगित के बाद जिस पार्टी की बनी सरकार, उसका ही जीता प्रत्याशी
राजेश दीक्षित
जयपुर। राजस्थान में इस बार भी लगातार तीसरी बार 199 सीटों पर चुनाव होंगे। राजस्थान में कुल 200 विधानसभा सीटें हैं। इस बार श्री गंगानगर जिले में करणपुर सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के निधन के चलते यहां पर चुनाव स्थगित हो गए हैं। प्रत्याशी की मौत के बाद होने वाले चुनाव परिणामों का रूझान देखे तो पिछले दो चुनाव में जिस पार्टी की सरकार बनी है, उसी पार्टी का प्रत्याशी ही चुनाव जीता है। इस बार देखना यही होगा कि जिस पार्टी की सरकार बनती है,क्या उसी पार्टी का विधायक चुना जाएगा या फिर दूसरी पार्टी का। हालांकि प्रत्याशी का निधन बुधवार को हुआ है। अभी यहां पर चुनाव की अगली तिथि घोषित नहीं हुई है।
पिछले दो चुनावों की यह थी स्थिति
1- रामगढ़ (अलवर):
वर्ष 2018 के चुनाव में अलवर जिले के रामगढ़ विधानसभा सीट से बसपा प्रत्याशी लक्ष्मण की दिल का दौरा पडऩे से मौत हो गई थी। इस वर्ष 7 दिसम्बर को चुनाव थे। बसपा प्रत्याशी के निधन के चलते चुनाव स्थगित किए गए। चुनाव परिणाम के बाद यहां कांग्रेस की सरकार बनी। इसके बाद यहां 28 जनवरी को चुनाव हुए। जिसमें 79.04 फीसदी मतदान हुआ था।
कांग्रेस की साफिया खान जीती। साफिया खान को 83,311 मत और भाजपा के सुखवंत सिंह को 71,083 मत मिले। साफिया ने भाजपा प्रत्याशी को 12,228 मतों से पराजित किया। यहां बसपा से पूर्व विदेशमंत्री नटवर सिंह के पुत्र जगतसिंह उतरे थे। वे तीसरे नम्बर पर रहे। उन्हें 24856 मत मिले थे। जब कांग्रेस की सरकार बनी उस समय कांग्रेस के पास 99 सीटें थी। रामगढ़ विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी साफिया के जीतते ही कांग्रेस के खाते में 100 सीटें आ गई।
2-चूरू विधानसभा क्षेत्र:
वर्ष 2013 के चुनाव में बसपा प्रत्याशी जेपी मेघवाल की मौत के बाद यहां चुनाव स्थगित हो गया। वर्ष 2013 में एक दिसम्बर को चुनाव थे। यहां आठ दिसम्बर को भाजपा की सरकार बनी। इसके बाद 13 दिसम्बर को चूरू में चुनाव हुए। जिसमें 78.55 प्रतिशत मत मिले। यहां भाजपा से राजेन्द्र राठौड़ जीते। उन्होंने कांग्रेस के हाजी मकबूल को 23375 मतों से पराजित किया था। सरकार बनते समय भाजपा के पास 162 सीटेंं थी। राजेन्द्र राठौड़ के जीतने के बाद भाजपा के 163 विधायक हो गए।
करणपुर सीट का क्या होगा गणित
श्रीगंगानगर जिले में करणपुर सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी गुरमीत सिंह कुन्नर का बुधवार को निधन हो गया। ऐसे में यहां अब 25 नवम्बर को होने वाला चुनाव स्थगित हो गया है। गुरमीत कुन्नर 75 साल के थे। वे अपने बेटे के लिए टिकट मांग रहे थे। यहां से भाजपा के उम्मीदवार सुरेंद्र पाल सिंह टीटी हैं। कुन्नर ने वर्ष 2018 के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी पृथ्वीपाल सिंह संधु को हराया था। ये दूसरे स्थान पर रहे। जबकि भाजपा प्रत्याशी सुरेन्द्र पाल सिंह टीटी तीसरे स्थान पर रहे थे।
वर्ष 2023 के चुनाव में भी टीटी व संधु का मुकाबला कुन्नर से होना था। लेकिन कुन्नर के निधन के चलते यह चुनाव स्थगित हो गया है। चुनाव आयोग अब अगली तारीख तय करेगा। इस बार देखना होगा कि जिसकी सरकार बनती है, क्या इस बार भी उस पार्टी का विधायक बनेगा।
Updated on:
15 Nov 2023 03:48 pm
Published on:
15 Nov 2023 03:12 pm

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