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फैक्ट चैक : कोविड-19 वैक्सिन की तस्वीर के नाम पर गलत दावा वायरल

अमेरिका में कोविड-19 की दवा बनाने का दावा, दावा- 3 घंटे में मरीज हो जाएगा सही, सोशल मीडिया पर यूजर्स कर रहे पोस्ट शेयर, सच : कोरोना वायरस परीक्षण को स्वीकृति दी गई, जानें इस वायरल पोस्ट की पूरी सच्चाई

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फैक्ट चैक : कोविड-19 वैक्सिन की तस्वीर के नाम पर गलत दावा वायरल

फैक्ट चैक : कोविड-19 वैक्सिन की तस्वीर के नाम पर गलत दावा वायरल

सोशल मीडिया पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ओर से एक फार्मा कंपनी रोशे को धन्यवाद देते हुए कई असंबंधित तस्वीरें और वीडियो गलत दावों के साथ वायरल हो रहे हैं। इन तस्वीरों और वीडियो के साथ भ्रामक दावा किया जा रहा है कि घातक नोवेल कोरोना वायरस के खिलाफ एक वैक्सिन तैयार हो चुकी है। वायरल व्हाट्सएप फॉरवर्ड में कोरिया की ओर से निर्मित कोविड-19 डायग्नोस्टिक किट की तस्वीर, कोरोना वीरस परिवार पर पुराने पेटेंट के स्क्रीनशॉट और एक तेज कोविड-19 टेस्ट के बारे में प्रेस को संबोधित करते हुए ट्रम्प का पहले से ही खारिज किया गया वीडियो शामिल है। राजस्थान पत्रिका की फैक्ट चैक टीम ने इस दावे की जांच की तो पता चला कि यह दावा गलत है। इस पोस्ट की पड़ताल की तो सच्चाई कुछ और ही सामने आई।


यह हो रहा वायरल
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और वीडियो के साथ दिए गए कैप्शन में लिखा है, "बड़ी खबर! कोरोना वायरस वैक्सीन तैयार। इंजेक्शन के बाद 3 घंटे के भीतर रोगी को ठीक करने में सक्षम। अमेरिका के वैज्ञानिकों को सलाम। अभी ट्रम्प ने घोषणा की कि रोशे मेडिकल कंपनी अगले रविवार को वैक्सीन को लॉन्च करेगी और इसके लाखों खुराक तैयार हैं! "कोविड-19 की टेस्ट किट की तस्वीर भी समान दावों के साथ वायरल है।


जांच
निम्नलिखित टर्म के बीच के अंतर को समझना महत्वपूर्ण है - कोरोना वायरस, नोवेल कोरोना वायरस, सार्स-कोव2 या एचसीओवी-19 और कोविड-19... कोरोना वायरस : वायरस का एक परिवार जो सामान्य सर्दी, गंभीर तीव्र श्वसन सिंड्रोम और मध्य पूर्व श्वसन सिंड्रोम जैसी बीमारियों का कारण बन सकता है। नोवेल कोरोना वायरस एक नया कोरोना वायरस प्रकार है, जिसे एचसीओवी-19 कहा जाता है और अब सामान्यत: सार्स-सीओवी२ के नाम से जाना जाता है। कोविड-19 वह रोग है, जो सार्स-सीओवी2 वायरस के कारण होता है। दुनियाभर के वैज्ञानिक इसके लिए वैक्सिन विकसित करने के लिए तेजी से शोध कर रहे हैं। ये प्रोजेक्ट अभी भी शुरूआती चरण में हैं। मानव टेस्ट कुछ संभावित टीकों के लिए शुरू हो गए हैं, लेकिन सफल होने पर उनका रोल-आउट केवल 2021 की शुरुआत तक होने का अनुमान है। जांच में पता चला कि वायरल मैसेज भ्रामक है, क्योंकि उस पर कोविड-19 1जीएम/1जीजी वाले बॉक्स की फोटो एक डायग्नोस्टिक टेस्ट की है न कि वैक्सीन की। एक पेटेंट का स्क्रीनशॉट पोल्ट्री में पाए जाने वाले कोरोना वायरस (मानव नहीं) के एक स्ट्रेन के लिए है, जबकि दूसरा स्क्रीनशॉट कोरोना वायरस के इलाज के लिए पेटेंट है, लेकिन वह मौजूदा स्ट्रेन नहीं है। डोनाल्ड ट्रम्प को दिखाने वाला वीडियो भी रोशे कंपनी को कोरोना वायरस परीक्षण के लिए आपातकालीन स्वीकृति प्राप्त करने के बारे में है, न कि वैक्सीन के लिए है।


कोविड-19 टेस्ट किट ही तैयार
एक मेडिकल किट दिखाने वाली तस्वीर मूल रूप से एक डायग्नोस्टिक किट है, जिसे हाल ही में दक्षिण कोरिया की ओर से विकसित किया गया था। तस्वीर कुछ छोटे पैकेट, एक ड्रॉपर, निर्देशों का एक सेट और एक बॉक्स के साथ एक पृष्ठ दिखाती है, सभी को "एसजीटीआई-फ्लैक्स कोविड-19 1जीएम/1जीजी" के रूप में लेबल किया गया है। यह तस्वीर नोवेल कोरोना वायरस के लिए एक टेस्ट किट है, जो दक्षिण कोरियाई चिकित्सा कंपनी सुगेंटेक की ओर से बनाई गई है। रिपोर्टों के अनुसार टेस्ट 10 मिनट में किए जा सकते हैं।
वायरल पोस्ट में एक फोटो कोरोना वायरस पेटेंट के स्क्रीनशॉट में दोनों तस्वीर का दावा है कि कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण के पेटेंट क्रमश: 2015 और 2018 में दायर किए गए थे। पिरब्राइट इंस्टीट्यूट के 2018 पेटेंट के स्क्रीनशॉट में दावा किया गया है कि नोवेल कोरोनावायरस के संक्रमण का इलाज करने के लिए एक टीका पाया गया है। एक स्पष्टीकरण में पिरब्राइट इंस्टीट्यूट ने कहा कि यह संक्रामक ब्रोंकाइटिस वायरस पर एक कोरोना वायरस रिसर्च करता है, जो मुर्गी और सूअर को संक्रमित करता है। इसका मतलब है कि यह गैर-मानव प्रजातियों में कोरोनावायरस संक्रमण के इलाज के लिए एक पेटेंट है। वहीं राजस्थान पत्रिका फैक्ट चैक टीम को जांच के दौरान वल्र्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के ट्विटर अकाउंट पर अब तक वैक्सीन नहीं बनने की पोस्ट भी मिली।


सच
राजस्थान पत्रिका की फैक्ट चैक टीम ने इस वायरल मैसेज का सच जाना तो पता चला कि रोशे डायग्नोस्टिक्स के प्रेसिडेंट को धन्यवाद देते हुए ट्रम्प का वीडियो वायरस के लिए डायग्नोस्टिक परीक्षण को रोल आउट करने के लिए आपातकालीन स्वीकृति प्रदान करने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के खाद्य और औषधि प्रशासन और रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र को धन्यवाद देते हुए रोशे डायग्नोस्टिक्स के प्रेसिडेंट और सीईओ मैथ्यू सोज का वीडियो भी वायरल मैसेज में शामिल है। कंपनी को वायरस के लिए एक निदान टेस्ट रोल करने के लिए आपातकालीन अनुमति दी गई थी, वैक्सीन के लिए स्वीकृति नहीं दी गई है।