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मास्टर प्लान की पालना कराने में फेल, अब विजन 2050 का बनाएंगे प्लान

शहरों की विशिष्ट गतिविधियों के विकास और विशिष्ट योजनाओं की होगी प्लानिंग

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मास्टर प्लान की पालना कराने में फेल, अब विजन 2050 का बनाएंगे प्लान

मास्टर प्लान की पालना कराने में फेल, अब विजन 2050 का बनाएंगे प्लान


भवनेश गुप्ता
जयपुर। राज्य के शहरों की विशिष्ट गतिविधियों के विकास और विशिष्ट योजनाओं की प्लानिंग के लिए सरकार ने कवायद शुरू कर दी है। इसके तहत जयपुर शहर का नया मास्टर डवलपमेंट प्लान और विजन 2050 की योजनाओं पर फोकस रहेगा। इसके अलावा प्रदेश के सभी शहरों की विशिष्ट गतिविधियों के विकास और विशिष्ट योजनाओं के क्रियान्वयन होगा। इसके लिए मुख्य नगर नियोजक आर.के. विजयवर्गीय को जिम्मेदारी सौंपी गई है। नगर नियोजन विभाग के प्रमुख सलाहकार एच.एस. संचेती को इस प्लानिंग के लिए भी सलाहकार बनाया गया है। नगरीय विकास विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। हालांकि, मौजूदा मास्टर प्लान को अक्षरश: लागू कराने में सरकार फेल रही है। सरकार ने जोधपुर हाईकोर्ट के आदेश से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची, लेकिन राहत नहीं मिली।

दोनों सरकारों में बिगड़ा गया मास्टर प्लान का हश्र
मास्टर प्लान का ऐसा हश्र कांग्रेस सरकार में ही नहीं, बल्कि भाजपा सरकार में भी बिगड़ता रहा। दोनों ही सरकार इसकी जिम्मेदार हैं, लेकिन एक्शन अभी तक किसी पर नहीं लिया गया। जिम्मेदारों को ढूंढा तक नहीं गया। जबकि, मास्टर प्लान की पालना कराने की जिम्मेदारी सरकार की ही है।

अब तर्क : पहले वाली स्थिति में लौटना संभव नहीं
मास्टर प्लान मामले में जोधपुर हाईकोर्ट ने 12 जनवरी 2017 विस्तृत आदेश दिया था। सरकार इसकी पालना करने का तर्क तो दे रही है, लेकिन आदेश तिथि के बाद से। तर्क दे रहे हैं कि अब पहले वाली स्थिति में लौटना संभव नहीं है। जबकि, हाईकोर्ट ने इकोलोजिकल एरिया मामले में मास्टर प्लान 2011 के तहत पालना करने के आदेश दे रखे हैं। इससे मुख्य रूप से जयपुर शहर के आगरा रोड के दोनों और बड़ा हिस्सा शामिल है। इसी में कई रसूखदारों के बेशकीमती जमीनें भी हैं।


इन पर रहेगा फोकस
-जोधपुर में एम्स के आस-पास औद्योगिक क्षेत्र
-बीकानेर में रानी औद्योगिक क्षेत्र
-जयपुर में सुदर्शनपुरा औद्योगिक क्षेत्र
-कोटा में इन्द्रप्रस्थ योजना
-जयपुर में प्रस्तावित और प्रमुख सड़कों का डिमार्केशन प्रोजेक्ट
-जयपुर के मास्टरप्लान का रिन्यू और विजन 2050 के तहत प्लानिंग
-प्रदेश में शहरों की सड़कें जो मिश्रित भू उपयोग की है, उनका डवलपमेंट मॉडल तैयार करना
-उदयपुर में अंतरराष्ट्रीय बस योजना
-किशनगढ़ में ट्रांसपोर्ट हब
-स्थानीय निकायों की कई विशिष्ट योजनाएं
(इनमें कई औद्योगिक क्षेत्र को स्पेशल एरिया में दर्शाया गया है लेकिन उसे शिफ्ट नहीं किया जा सका। इनके लिए अलग से योजना बनाकर स्पेशल एरिया को डवलप करना सहित अन्य विशिष्ट योजनाओं की प्लानिंग का काम होगा)

वर्ष 2050 के आधार पर होगा सर्वे
सरकार ने जयपुर शहर के विकास के लिए विजन 2050 के तहत प्लानिंग की जरूरत मानी है। इसके तहत शहर के वर्टिकल विकास के साथ-साथ उसे रोजगार से जोड़ने पर भी फोकस होगा। इसके लिए शहरों में ज्याद से ज्यादा निवेशकों के लिए धरातल तैयार किया जाएगा। इसके लिए देशभर के प्रमुख विषय विशेषज्ञों की भी राय ली जाएगी।