भवनेश गुप्ता
जयपुर। आपकी आईडी पर दूसरा चेहरा (एप से चेहरा बनाकर) लगाकर फर्जी तरीके से मोबाइल कनेक्शन लेने का बड़ा खेल चल रहा है। ऐसे 15500 से ज्यादा कनेक्शन पकड़े गए हैं, जिनमें वास्तविक उपभोक्ता की आईडी के जरिए फर्जी सिम हथियाई गई। इसके लिए फोटो हटाकर दूसरा चेहरा लगाया गया। ऐसी 96 प्रतिशत सिम एक्टिव मिली, यानि सिम के जरिए अवैध गतिविधियां होती रही। इन कनेक्शन को बंद करा दिया गया और मोबाइल सिम जारी करने वाले 122 मोबाइल रिटेल व अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। मोबाइल ऑपरेटर्स को भी ऐसे मामलों को राेकने के लिए चेताया है।
किसी को सरदार बनाया तो महिला को उम्रदराज कर दिखाया
-9624xxxx69 मोबाइल नम्बर जारी किया। जिस आइडी से जारी हुआ, वह जाति से महावर है, लेकिन चेहरा सरदार (पंजाबी) व्यक्ति का बना दिया।
-9982xxxx40 मोबाइल नम्बर जिस आइडी पर जारी किया गया, उसमें उम्र 34 वर्ष है। जबकि, फोटो ज्यादा उम्र की महिला की बनाकर लगाई गई। इसकी उम्र 45 से 50 के बीच लग रही है।
सुपर कम्प्यूटर से पकड़ा : दूरसंचार विभाग ने पूणे में सुपर कम्प्यूटर के जरिए इन फर्जी कनेक्शनों को पकड़ा। इसके लिए फेस रिकग्निशन एनालिसिस सिस्टम का उपयोग किया गया। इसमें फोटो आईडी में लगे चेहरे को बदलकर या छोटा-मोटा परिवर्तन किया गया, वह पकड़ में आता गया। इस सुपर कम्प्यूटर की गति 117.9 टेराफ्लॉप बताई जा रही है।
दो ऑपरेटर की जांच पूरी, दो की चल रही : राजस्थान में बीएसनएल, एयरटेल, वीआई (वोडाफोन आइडिया) व रिलायंस जियो मोबाइल ऑपरेटर हैं। अभी इनमें से बीएसएनएल व वीआई के कनेक्शनों की ही जांच हुई हैँ एयरटेल व जियो के ऐसे संदिग्ध कनेक्शनों की जांच की जा रही है।
इस पोर्टल से चैक करें, कही आपके नाम से तो फर्जी सिम नहीं
डीओटी का एक पोर्टल, जिसका नाम टेफकोप (टेलीकॉम एनालेटिक्स फॉर फ्राड मैनेजमेंट एण्ड कंज्यूमर प्रोटक्शन) है। पोर्टल का यूआरएल : https://tafcop.dgtelecom.gov.in है। इसके जरिए पता किया जा सकता है कि आपके नाम पर कितने मोबाइल सिम कनेक्शन हैं। उसमें कितने फर्जी आईडी से हथियाए गए और कब से उपयोग किया जा रहा है। एक व्यक्ति अधिकतम 9 मोबाइल सिम कनेक्शन ले सकता है। पोर्टल के माध्यम से उपभोक्ता फर्जी तरीके से संचालित सिम कनेक्शन को बंद करा सकता है।