
देशभर की नामचीन महिला शायर ने सुनाई रचनाएं
जिस्म मिट्टी है जान औरत है, धूप में सियेबान औरत है, आदमी कुछ नहीं बिना इसके...आदमी की उड़ान औरत है..। गोवा की फोजिया रबाब ने इन पंक्तियों के जरिए एक महिला की अहमियत और उनके योगदान को सबसे के सामने रखा। मौका था, राजस्थान उर्दू अकादमी (Rajasthan Urdu Academy) की ओर से रवीन्द्र मंच (Ravindra Manch) पर आयोजित हुए कुल हिंद ख्वातीन मुशायरा खुशबुओं की शाम ख्वातीन के नाम का। रवीन्द्र मंच सभागार (Rabindra Manch Auditorium) में आयोजित हुए कार्यक्रम में देशभर की नामचीन महिला शायरों ने एक से बढ़कर एक रचनाएं सुनाकर श्रोताओं से दाद पाई। कार्यक्रम में लखनऊ से आईं सबा बलरामपुरी ने एक हलचल है मची मिस्र के जखारों में इस कदर जोश है यूसुफ के खरीदारों में.... शायरी पेश की।
महिला दिवस की पूर्व संध्या पर हुए कार्यक्रम में विधायक रफीक खान, राज्य मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण व्यास, संभागीय आयुक्त और अकादमी प्रशासक डॉ.समित शर्मा, राजस्थान वफ्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद यूसुफ मौजूद रहे। उर्दू अकादमी के सचिव मोअज्जम अली ने बताया कि मुशायरे में जयपुर से प्रभा ठाकोर, मलका नसीम, जीनत कैफी आगरा से हीना तैमूरी, दिल्ली से अना देहलवी,लखनऊ से सबा बलरामपुरी,अहमद नगर से कमर सुरूर, उज्जैन से शबाना शबनम, गोवा से फौजिया रबाब, ग्वालियर से ज्योति आजाद और बांसवाड़ा से मेहर माही अपनी रचनाओं को पेश किया।
Published on:
08 Mar 2021 08:12 pm
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