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आधी रात के बाद गलीचा फैक्ट्री और चूड़ी कारखाने में लगी भीषण आग, करोड़ों का नुकसान

चूड़ी कारखाने में लाख और कांच की चूड़ियां का पेस्ट बन गया, गोदाम की दीवारों के अलावा कुछ नहीं बचा, गलीचा फैक्ट्री में गोदाम में लगी आग से करोड़ों का तैयार माल जलकर खाक, घंटों पानी फेंकती रहीं दमकलें,जयपुर और जोधपुर में मचाया आग ने तांडव

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जयपुर। जयपुर और जोधपुर में आग ने आधी रात के बाद तांडव मचा दिया। आग से करोड़ों रुपयों के नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। जोधपुर में चूड़ी कारखाने और गोदाम में आग ने सब कुछ नष्ट कर दिया तो जयपुर मंे गलीचा फैक्ट्री में बड़ी संख्या में एक्सपोर्ट के लिए रखे हुए गलीचों को राख कर दिया। दोनो जिलों में दमकलों ने कई हजार लीटर पानी आग पर फेंका, आसपास के मौहल्ले की बिजली सप्लाई घंटों बाधित रखी गई, तब जाकर आग को काबू किया जा सका।

रात ढाई बजे के बाद धधका जोधपुर में चूड़ी कारखाना
जोधपुर जिले के प्रतापनगर सदर थानान्तर्गत सिवांची गेट गड्डी रोड पर चूडि़यों के एक गोदाम में देर रात ढाई बजे भीषण आग लग गई। चार दमकलों ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। थाना पुलिस ने बताया कि गड्डी रोड पर चूडि़यों का गोदाम है। शॉर्ट सर्किट की वजह से मध्यरात्रि गोदाम में आग लग गई। गोदाम में लाख की और कांच की चूड़ियां भरी हुई थी। चूड़ियों के छोटे छोटे पैकेट रखे हुए थे जो बेच जाने के लिए तैयार थे। लेकिन आग ने सब कुछ पिघला दिया। पुलिस ने बताया कि आग लगने के कारण लाख और कांच की चूड़ियां ऐसे पिघलती दिखी मानो लावा बह रहा हो....। चार दमकलों ने दो घंटे में बारह फेरे लिए तब जाकर आग को पूरी तरह से काबू किया जा सका। आग लगने के कारण और नुकसान नहीं हो, इसलिए आसपास के क्षेत्र की बिजली सप्लाई को करीब तीन घंटे तक के लिए बंद कर दिया गया था। आग लगने की इस घटना का प्राथमिक कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।

गलीचा फैक्ट्री में बेसमेंट में भीषण आग, पास की दीवार तोड़ी उसके बाद काबू करने के प्रयास
उधर जयपुर के आमेर इलाके में स्थित एक गलीचा फैक्ट्री में आज तड़के करीब साढ़े चार बजे आग की लपटें दिखाई दी। बेसमेंट के अलावा फैक्ट्री में दो और मंजिल बनी हुई थी और सभी पर गलीचों से संबधित काम होता था। आग लगने के कारण इतना काला धुआं फैला कि करीब तीन दो किलोमीटर की दूरी से दिखाई देने लगा। आमेर के चावंड का मंड इलाके में स्थित फैक्ट्री की आग को काबू करने के लिए छह दमकलों को मौके पर बुलाया गया। सवेरे साढ़े चार बजे से आग को काबू करने में जुटी दमकलों ने दस बजा दिए तब जाकर आग को काबू किया जा सका। दमकलों ने तीस से भी ज्यादा चक्कर लगाए। दमकलों के अलावा आधा दर्जन से ज्यादा लोकल टैंकर और थे जिनसे आसपास के क्षेत्र में पानी की सप्लाई होती थी। आग लगने का कारण यहां भी शॉर्ट सर्किट ही माना जा रहा है। आग लगने के बाद अब भवन को भी पूरी तरह से खाली करा दिया गया है। दमकल विभाग का मानना है कि छह से सात घंटे तक आग लगने के कारण भवन कमजोर हो सकता है।