
इन्होंने हर आने-जाने वाले लड़के-लड़की को पकड़ा, फिर उसका आॅडिशन लिया, तब जाकर मिले 'लैला मजनू'
जयपुर. निर्देशक साजिद अली की अपकमिंग फिल्म 'लैला मजनू' की कास्टिंग मेकर्स के लिए आसान नहीं रही। इसके लिए उन्हें काफी जतन करने पड़े। ढाई साल तक आॅडिशन के बाद फिल्म के लिए 'लैला मजनू' मिले। फिल्म के प्रमोशन के लिए लीड एक्टर अविनाश तिवारी, तृप्ति डिमरी और डायरेक्टर साजिद अली के साथ शनिवार को जयपुर आए 'जब वी मेट', 'लव आज कल', 'रॉक स्टार', 'हाईवे', 'तमाशा' फेम फिल्मकार इम्तियाज अली ने कहा, 'हमने करीब ढाई साल तक हर गुजरते लड़के-लड़की को पकड़ा और उसका ऑडिशन लिया। यह मानकर चलिए कि इन किरदारों के लिए पूरे भारत के टैलेंट पर हमारी नजर थी।'
रिलेशनशिप के मतलब को समझाने की कोशिश की
'लैला मजनू' का स्क्रीनप्ले लिखने वाले इम्तियाज ने बताया, 'मैंने सिनेमा और कहानियों को इस नजर से नहीं देखा है कि वो बहुत बड़ा बदलाव लाने वाली हैं। जिन किरदारों और कहानियों ने मुझे आकर्षित किया, उन्हें सिर्फ अपनी नजर से दिखाने की कोशिश की, चाहे 'जब वी मेट' हो या 'लव आज कल'। मैंने जो भी कहानियां दिखाई हैं, उन्हें कभी इस फ्रेम से नहीं देखा कि मैं लव स्टोरी बना रहा हूं। हमेशा सिर्फ रिलेशनशिप के मतलब को समझाने की कोशिश की है।' उन्होंने कहा कि 'लैला मजनू' से बड़ा कैरेक्टर मुझे लव स्टोरी के लिए नजर नहीं आता है, लिहाजा इस विषय को बड़े पर्दे पर लाने की कोशिश की है।
कहानी की बजाय सवाल थे
बकौल इम्तियाज, 'लैला मजनू' पर जब लिखना शुरू किया था, तब मेरे जेहन में कहानी के बजाय सवाल थे, कैसे कोई प्यार में इस हद तक जा सकता है और उनके साथ क्या गुजरा होगा? पूरे शोध के बाद 'लैला मजनू' को लेकर एक ही बात जेहन में आई, वो है 'अंतरात्मा से परमात्मा का मिलन'। यह प्रेम कहानी आपको स्प्रिचुअल लव के बारे में बताती है, जो सिर्फ प्यार में पागलपन जैसी स्थिति में ही हो सकता है। राजस्थान को लेकर इम्तियाज ने कहा कि उनका राजस्थान से गहरा नाता है। यहां कई फिल्मों की शूटिंग की है।
भाई को इम्प्रेस करना चाहते थे साजिद
फिल्म के डायरेक्टर साजिद ने बताया कि यह मेरी डेब्यू फिल्म है, इसलिए चैलेजेंज बहुत थे, लेकिन सबसे बड़ी बात यह थी कि छोटा भाई होने के नाते अब भाई के कामों को ख्याति पर ले जाने की जिम्मेदारी आ गई थी। कई बार घबरा कर सोचता था कि मैंने हां क्यों बोल दिया, लेकिन पूरी लगन के साथ इस फिल्म को लेकर वर्क किया है, क्योंकि मैं भाई को इम्प्रेस करना चाहता था।
पहले रिजेक्ट, फिर सलेक्ट
एक्ट्रेस तृप्ति डिमरी ने बताया कि 'लैला मजनू' को लेकर पहले भी ऑडिशन दे चुकी थी, लेकिन मुझे उस वक्त रिजेक्ट कर दिया गया था। इसके बाद एक बार जब मेरी दोस्त सलोनी खन्ना ऑडिशन देने गई थी, तब मैं वहां बाहर उसका इंतजार कर रही थी तो मेरे पास इम्तियाज सर की टीम से किसी ने आकर कहा कि आप भी ऑडिशन दे दीजिए। मैंने उनसे कहा कि मैं पहले ही ऑडिशन दे चुकी हूं और रिजेक्ट भी हो गई हूं। तब उन्होंने कहा कि हम दोबारा पूरा ऑडिशन कर रहे हैं तो ऑडिशन दिया और सलेक्ट हो गई।
सोचा ना था कि कभी चांस मिलेगा
अविनाश ने बताया कि फिल्म में 20 स्क्रीन टेस्ट के बाद मुझे फाइनल किया गया। डायरेक्टर साजिद को इन्फ्लुएंस करना सबसे मुश्किल था। इस फिल्म को लेकर इतना कह सकता हूं कि मेरे साथ जो हुआ, वो सपनों से बढ़कर है। अगस्त 2016 में मुझे मालूम पड़ा कि फाइनली मैं सलेक्ट हो गया हूं। इंडस्ट्री में पिछले 10 साल से काम कर रहा हूं। एक्टिंग को लेकर बचपन से उत्साहित रहता था, लेकिन कभी मौका मिलेगा, सोचा ना था। नॉर्मल फैमिली से होने के कारण पहले इंजीनियरिंग की, फिर लगा कि जिस चीज में मन लगता है, वही करना है। लिहाजा थिएटर और फिल्मों से जुड़ गया।
Published on:
25 Aug 2018 10:11 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
