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गहलोत के संकेत के बाद अंतिम बजट की तैयारियों में जुटा वित्त विभाग, आधा दर्जन नए जिलों की भी घोषणा संभव

-बजट पूर्व संवाद की तारीखों का भी जल्द होगा ऐलान, इस बार जनवरी माह में बजट पेश करने के संकेत दे चुके हैं मुख्यमंत्री गहलोत, सरकार की मंशा, विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले-पहले अंतिम बजट की तमाम घोषणाएं धरातल पर उतरे

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जयपुर। राजस्थान कांग्रेस में चल रहे सियासी घटनाक्रम के बीच ही गहलोत सरकार अपना अंतिम बजट की तैयारियों में जुट गई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से इस बार फरवरी की बजाए जनवरी में ही बजट पेश करने के संकेतों के बाद वित्त विभाग की तैयारियों में जुट गया है।

सरकार का अंतिम बजट मुख्यमंत्री गहलोत का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जा रहा है, इस बजट के जरिए मुख्यमंत्री गहलोत लोकलुभावन घोषणाएं करके मतदाताओं को साधने का काम करेंगे। अंतिम बजट को लेकर सरकार कितनी गंभीर है, इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वित्त विभाग को भी जल्द से जल्द बजट पूर्व संवादकी तारीखों के ऐलान करने के निर्देश दिए हैं, जिससे कि सिविल सोसाइटी, आमजन, एनजीओ, युवा और विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों से संवाद करके बजट में उनके सुझाव लिए जाएं। बताया जा रहा है कि 15 अक्टूबर के बाद से ही बजट पूर्व संवाद के कार्यक्रम शुरू हो जाएंगे।

बजट में आधा दर्जन जिलों की घोषणा भी संभव
सरकार से जुड़े सूत्रों की माने तो सरकार अपने अंतिम बजट में प्रदेश के आधा दर्जन नए जिलों की घोषणा भी करेगी और इनके जरिए मतदाताओं को साधने का प्रयास किया जाएगा। सीएम गहलोत ने अपने चौथे बजट 2022-23 के दौरान नए जिलों के गठन को लेकर कमेटी भी गठित की थी, जिस पर कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इसके अलावा कई और बड़ी घोषणाएं भी व्यापारियों और आमजन के लिए होगी।

युवा वर्ग के लिए भी अलग से बजट घोषणा
सरकार के अंतिम बजट में युवा वर्ग को फोकस रखते हुए भी घोषणाएं की जाएगी। मुख्यमंत्री गहलोत इस बात के संकेत दे चुके हैं कि पांचवा और अंतिम बजट युवाओं को समर्पित होगा, इसमें युवा वर्ग के लिए सरकार बड़ी बड़ी घोषणा करके उन्हें जल्द से जल्द मूर्त रूप भी देगी। इसकी एक वजह यह भी है कि राजस्थान में युवा मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक है, ऐसे में युवा मतदाताओं को इन बजट घोषणाओं के जरिए साधा जाएगा।

इसलिए भी एक माह पहले पेश होगा बजट
सरकार से जुड़े सूत्रों की मानें तो इस बार सरकार का बजट फरवरी के बजाए जनवरी माह में लाए जाने की पीछे एक वजह यह भी है कि बजट पेश करने के बाद सरकार चुनावी मोड में चली जाती है। ऐसे में उन घोषणाओं पर ज्यादा काम नहीं होता है और चुनावी आचार संहिता लगते ही घोषणाओं पर काम रुक जाता है। ऐसे में इस बार जनवरी माह में बजट घोषणाएं करके उन्हें जल्द से जल्द धरातल पर उतारा जाएगा जिससे कि आचार संहिता लगने के बावजूद भी बजट घोषणाएं प्रभावित नहीं हो और आमजन को इसका लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री भी कर रहे हैं चौथे बजट की घोषणाओं की समीक्षा
इससे पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर लगातार चौथे बजट की घोषणाओं के क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा कर रहे हैं। सीएम गहलोत ने मंगलवार को भी चौथे बजट की घोषणाओं की विभागवार समीक्षा की थी, जिसमें सरकार का दावा था कि चौथे बजट की 80 फीसदी से ज्यादा बजट घोषणाएं पूरी हो चुकी है और लंबित चल रही घोषणाओं को भी जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा।

वीडियो देखेंः- January में आ सकता है Rajasthan का बजट, CM गहलोत ने दिए संकेत