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सियासी संकट के बीच लंबित बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन में जुटी सरकार, अंतिम बजट की भी तैयारियां शुरू

नौकरशाहों को भी विभागवार जल्द से जल्द घोषणाएं लागू करने के निर्देश, जनघोषणा पत्र के वादों पर तेजी काम करने के निर्देश
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जयपुर

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Firoz Khan Shaifi

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Updated: 3 Oct 2022, 11:17 AM IST

ashok gehlot

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जयपुर। प्रदेश में सियासी संकट से गुजर रही गहलोत सरकार इन दिनों बजट 2022-23 की लंबित घोषणाओं के क्रियान्वयन में जुट गई है। राजनीतिक घटनाक्रम की अनहोनी की आशंका के चलते सरकार लंबित बजट घोषणाओंको जल्द से जल्द मूर्त रूप देना चाहती है और इसके लिए सरकार ने नौकरशाहों को भी निर्देश दिए हैं, कि जो भी बजट घोषणा लागू होने से बची है उन्हें जल्द से जल्द विभागवार लागू किया जाए जिससे कि सरकार अपने पांचवा और अंतिम बजट से पहले चौथे बजट की तमाम घोषणाओं का रोडमैप जनता के सामने रख सके।

प्रमुख योजनाओं पर फोकस
दरअसल राज्य सरकार का पूरा फोकस इन दिनों बजट घोषणाओं खासकर स्मार्ट फोन योजना, फ्लैगशिप योजनाओं और जनघोषणा पत्र के वादों पर है। इसके लिए तमाम अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि फ्लैगशिप योजनाओं, बजट घोषणाओं और जनघोषणा पत्र के शेष वादों का तेजी से क्रियान्वयन हो सके, जिससे जनता को इन योजनाओं का लाभ मिल सके।

हालांकि सरकार की ओर से दावा किया जा रहा है कि बजट 2022 23 की करीब 75 फ़ीसदी घोषणाओं को पूरा किया जा चुका है और शेष बची घोषणाओं को भी जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाएगा। वहीं जनघोषणा पत्र के भी 80 फीसदी वादों को पूरा करने का दावा किया गया है।

सरकार ने इसलिए भी किया बजट घोषणा पर फोकस
सूत्रों की माने तो राजस्थान कांग्रेस में चल रहे सियासी घटनाक्रम का असर सरकार की बजट घोषणाओं पर पर भारी पड़ रहा है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मंशा है कि जो बजट घोषणाओं और फ्लैगशिप योजनाओं को समय पर लागू किया जाए जिससे आमजन को फायदा मिल सके और अगर कभी मध्यावधि चुनाव की आशंका बनती है तो जनता के बीच अपनी योजनाओं को लेकर जा सके।

अंतिम बजट की भी तैयारियां शुरू
वहीं राज्य सरकार ने प्रशासनिक अधिकारियों को भी फरवरी माह में पेश होने वाले सरकार के 5 वें और अंतिम बजट की तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी कह चुके हैं कि अगला बजट युवाओं पर फोकस रहने वाला है इसलिए बजट पूर्व परिचर्चा, संवाद किया जाए और युवाओं से सुझाव लिए जाएं और उन सुझावों को बजट में शामिल किया जाए।

पांचवें बजट को हालांकि चुनावी बजट कहा जाता है लेकिन सरकार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर युवा वोट बैंकको रिझाने के लिए युवाओं के लिए अलग से बजट पेश करना चाहती है, इससे पहले किसानों के लिए भी अलग से बजट पेश किया गया था। वहीं सीएम गहलोत ने भी तमाम मंत्रियों को भी निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने विभागवार युवाओं से जुड़ी स्कीम और बजट घोषणाओं का ड्राफ्ट तैयार करके वित्त विभाग को भेजने के निर्देश दिए हैं, जिससे वित्त विभाग अभी से ही तैयारियों में जुट जाएं।

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